Hanuman Chalisa

यूआईडीएआई ने एयरटेल को दिया झटका

शनिवार, 16 दिसंबर 2017 (19:16 IST)
नई दिल्ली। आधार जारी करने वाले प्राधिकार यूआईडीएआई ने भारती एयरटेल व एयरटेल पैमेंट्स बैंक के खिलाफ कड़ी कारवाई करते हुए उनका ई-केवाईसी लाइसेंस अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है। एयरटेल व एयरटेल पैमेंट्स बैंक अब ई- केवाईसी के जरिए अपने मोबाइल ग्राहकों के सिम कार्ड का आधार कार्ड आधारित सत्यापन नहीं कर सकेंगी। इसी तरह उसे अपने पैमेंट बैंक ग्राहकों के सत्यापन के लिए भी ई-केवाईसी प्र​क्रिया अपनाने से रोक दिया गया है।
 
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआईएडीआई) ने यह कार्रवाई भारती एयरटेल पर आधार ई-केवाईसी आधारित सिम सत्यापन प्र​क्रिया के कथित दुरुपयोग के आरोपों के चलते की है। आरोप है कि एयरटेल ने अपने अपने ग्राहकों की ‘समुचित सहमति’ लिए बिना ही उनके बैंक खाते खोल दिए जबकि वे तो अपने सिम का आधार आधारित केवाईसी करवाने आते थे। इसके साथ ही यूआईडीएआई ने इन आरोपों पर भी गंभीर आ​पत्ति जताई है कि कंपनी ने इन पैमेंट बैंक खातों को एलपीजी रसोई गैस ​सब्सिडी हासिल करने के लिए भी सम्बद्ध किया जा रहा था।
 
जानकार सूत्रों के अनुसार यूआईडीएआई ने एक अंतरिम आदेश में कहा है कि भारती एयरटेल लिमिटेड तथा एयरटेल पैमेंट्स बैंक की ई-केवाईसी लाइसेंस कुंजी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।’ इसका मतलब यही है कि एयरटेल कम से कम फिलहाल तो अपने ग्राहकों के सिम कार्ड को उनके आधार से संबंद्ध करने के लिए यूआईडीएआई की ई-केवाईसी प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी।
 
इसके साथ ही एयरटेल पेमेंट्स बैंक आधार ई केवाईसी के जरिए नए खाते भी नहीं खोल पाएगा। हालांकि इसके लिए अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। एयरटेल के प्रवक्ता ने इस बारे में संपर्क किए जाने पर कहा, हम इसकी पुष्टि कर सकते हैं कि हमें आधार ​सम्बद्ध ई -केवाईसी सेवाओं के अस्थायी निलंबन के संबंध में यूआईडीएआई का अंतरिम आदेश मिला है। प्रवक्ता ने कहा कि यह निलंबन एयरटेल पैमेंट्स बैंक से ग्राहकों को जोड़ने से जुड़ी कुछ प्र​क्रियाओं को लेकर संतुष्ट होने तक किया गया है। प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे का शीघ्र ही कोई समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस बारे में कदम उठाए हैं।
 
ऐसा कहा जाता है कि एयरटेल पैमेंट्स बैंक के 23 लाख से अधिक ग्राहकों को उनके इन बैंक खातों में 47 करोड़ रुपए मिले जिनके खोले जाने की उन्हें जानकारी तक नहीं थी। सूत्रों ने कहा कि यूआईडीएआई के ध्यान में यह मामला लाया गया था कि एयरटेल के रिटेलरों ने कंपनी के उन उपभोक्ताओं के एयरटेल बैंक में भी खाते खोल दिए जो कि अपने सिम का सत्यापन आधार के जरिए करवाने आए थे। इस बारे में ग्राहकों को पता तक नहीं चला। यही नहीं, सम्बद्ध लोगों की एलपीजी सब्सिडी तक ऐसे खातों में आने लगी। (भाषा) 

Show comments

क्या E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान हो सकता है, आयोग के फैसले से शुरू हुई नई बहस

पत्नी ने घर छोड़ा तो बेटा बन गया हैवान, बुजुर्ग मां को इतना पीटा कि मौत हो गई, पुलिस ने किया गिरफ्तार

MoU मानो तभी खुलेगा Hormuz Strait, दुनिया के सबसे बड़े समुद्री रास्ते के लिए ईरान की नई शर्त

ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों से हलचल, सरकार ने सख्त किए नियम, Gaganyaan Mission से जुड़े कर्मियों पर विशेष फोकस

Royal Enfield Classic 350 का 2026 अपडेट लॉन्च, अब मिलेगा Slipper Clutch और Fast USB Type-C Charger; जानें नई कीमतें

सभी देखें

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज से शुरू: PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, जानिए किराया, रूट, स्पीड और इसकी खासियत

टैक्स चोरी रोक कर अरबों यूरो कमाना चाहती है जर्मन सरकार

ट्रंप का सनसनीखेज दावा: चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डेटा चुराया, जल्द सामने आएंगे खुफिया दस्तावेज

Top News 17 July: PM मोदी की हाइड्रोजन ट्रेन, ट्रंप का चीन पर बड़ा आरोप

NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित, 11.21 लाख छात्र क्वालीफाई, 58% से ज्यादा बेटियां पास

अगला लेख