suvichar

फेसबुक का नाम बदला, जानिए क्यों रखा Meta नाम...

Updated: शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2021 (10:25 IST)
वॉशिंगटन। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की होल्डिंग कंपनी का नाम बदल गया है। अब इसे मेटा के नाम से जाना जाएगा। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने यह घोषणा की।

ALSO READ: Metaverse: हकीकत की दुनिया के समानांतर तैयार हो रहा एक ‘फि‍क्‍शनल यूनिवर्स’ जो आपकी ‘फ्यूचर की दुनिया’ होगी
जुकरबर्ग ने कहा कि हमारे ऊपर एक डिजिटल दुनिया बनी है, जिसमें वर्चुअल रिएलिटी हेडसेट और AI शामिल है। हम मानते हैं कि मेटावर्स मोबाइल इंटरनेट की जगह ले लेगा।
 
नई होल्डिंग कंपनी मेटा फेसबुक, इसकी सबसे बड़ी सहायक कंपनी, साथ ही इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और वर्चुअल रियलिटी ब्रांड ओकुलस जैसे ऐप को शामिल करेगी।

जुकरबर्ग का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अगले दशक के भीतर ‘मेटावर्स’ एक अरब लोगों तक पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि ‘मेटावर्स’ एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जिस पर लोग संवाद करेंगे तथा उत्पाद एवं सामग्री तैयार करने के लिए कार्य कर सकेंगे। उन्हें उम्मीद है कि यह एक ऐसा नया प्लेटफार्म होगा जो रचनाकारों के लिए ‘‘लाखों’’ नौकरियां सृजित करेगा।
 
यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब फेसबुक अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है। फेसबुक पेपर्स में खुलासे के बाद इसे दुनिया के कई हिस्सों में विधायी और नियामक जांच का सामना करना पड़ रहा है।
 

Show comments

Ather Konarc vs Bajaj Chetak: किस Electric Scooter में है ज्यादा दम? कीमत, रेंज, स्पीड और फीचर्स की पूरी तुलना

Nepal Flood : बड़ी बाढ़ आ रही है, भागो, अनजान शख्स बना फरिश्ता, बची 370 से ज्यादा जानें, स्कूल में ऐसे हुआ जिंदगी का सबसे बड़ा Rescue

CJP Protest Marc h: 5 सितंबर के दिल्ली मार्च पर SC ने क्यों नहीं लगाई रोक? जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

YouTube Creators की बल्ले-बल्ले, Amazon के साथ शुरू हुआ नया Affiliate फीचर, वीडियो से होगी अतिरिक्त कमाई

H-1B वीज़ा का झटका बनेगा नया मौका, भारत में मिल सकती है ग्लोबल पैकेज वाली जॉब्स, जानिए कैसे बदल रहा है IT सेक्टर का गणित?

सभी देखें

7.8% विकास दर पर गदगद हुए पीएम मोदी: बोले- दुनिया संकटों में फंसी है, फिर भी तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

100% स्वदेशी AK-203 'शेर': अमेठी में तैयार हुई देश की पहली पूरी तरह देसी गन, जानिए INSAS के मुकाबले कितनी घातक है भारतीय सेना की नई राइफल!

गुजरात विधानसभा का 3 दिवसीय मानसून सत्र 9 सितंबर से: पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि के बाद शुरू होगी कार्यवाही

अगस्त में बारिश ने किया निराश, गर्मी ने तोड़ा 125 साल का रिकॉर्ड; सितंबर में भी कम बारिश का अनुमान

नेपाल: विनाशकारी बाढ़ से उबरने के लिए 4-5 अरब डॉलर की दरकार

अगला लेख