Hanuman Chalisa

AI से खत्म हो सकता है पानी, खौफनाक सच से क्यों अनजान हैं यूजर्स

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
बुधवार, 2 अप्रैल 2025 (22:02 IST)
Artifical Intelligence News : हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लोकप्रियता में वृद्धि के कारण लोग न केवल एआई के उपयोग के साथ अधिक सहज हो रहे हैं, बल्कि सक्रिय रूप से इसे अपने लाभ के लिए उपयोग करने के तरीके भी खोज रहे हैं। हालांकि ज्यादातर यूजर्स यह बात नहीं जानते कि AI डाटा सेंटर्स में पानी के साथ-साथ बिजली की भी बड़ी मात्रा खर्च होती है। बिजली के उपयोग से न सिर्फ कार्बन इमिशन बढ़ता है, बल्कि पानी की मांग भी बढ़ जाती है। पर्यावरण रिपोर्ट से पता चलता है कि 2021 से 2022 तक इसकी जल खपत में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो लगभग 1.7 बिलियन गैलन तक पहुंच गई है।
 
खबरों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स को अच्छे से काम करने के लिए ठंडा रखना जरूरी होता है, क्योंकि हैवी डाटा प्रोसेसिंग के चलते वे बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इन्हें ठंडा करने के लिए कूलिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिसमें साफ पानी की अहम भूमिका होती है। यह जरूरत मुख्य रूप से उन डाटा सेंटर्स में महसूस की जाती है, जहां AI मॉडल्स को प्रशिक्षित और संचालित किया जाता है।
ALSO READ: AI Summit : एआई के कारण नहीं जाएंगी नौकरियां, PM मोदी ने बताया कारण, खतरे को लेकर किया आगाह
शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि संकेतों की प्रत्येक स्ट्रिंग इन AI सिस्टम को रखने वाले डाटा सेंटरों पर लगभग 16 औंस पानी का उपयोग करती है। पर्यावरण रिपोर्ट से पता चलता है कि 2021 से 2022 तक इसकी जल खपत में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो लगभग 1.7 बिलियन गैलन तक पहुंच गई है। बिजली की खपत करने वाले डाटा सेंटरों द्वारा अनियंत्रित जल उपयोग दुनियाभर में पहले से ही गंभीर जल संकट को और बढ़ा सकता है।
 
तापमान को नियंत्रित रखने के लिए औद्योगिक पैमाने पर कूलिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है जो लगातार पानी का संचार करते हैं। एक एकल डाटा सेंटर में कूलिंग टावर हो सकते हैं जिन्हें महत्वपूर्ण कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को ज़्यादा गरम होने से बचाने के लिए सालाना लाखों गैलन पानी की आवश्यकता होती है।
ALSO READ: इंसानों को नहीं एआई को हायर कीजिए, एआई स्‍टार्टअप ने चलाया कैंपेन, तकनीकी दुनिया में छिड़ी बहस
उल्‍लेखनीय है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या AI, कंप्यूटर विज्ञान का वह क्षेत्र है जो ऐसे सिस्टम बनाने के लिए समर्पित है जो ऐसे कार्य करने में सक्षम हों जिनके लिए सामान्य रूप से मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है। इसमें ऐसे एल्गोरिदम बनाना शामिल है जो सिस्टम को बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण और व्याख्या करने में सक्षम बनाते हैं।
Edited By : Chetan Gour

Show comments

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

7 Electric Scooters, कम हाइट वालों को ट्रैफिक में भी नहीं होगी परेशानी, देखें List

अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप

Fact Check : सेटेलाइट तकनीक से सड़क और हवा में चलने वाली बस? जानिए नितिन गडकरी के दावों का सच

WhatsApp यूजरनेम फीचर पर भारत में लगी रोक, सुरक्षा चिंताओं पर Meta ने क्या कहा

सभी देखें

सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

UPSSSC X-Ray Technician Result Out : 377 उम्मीदवारों का चयन, आयोग ने जारी की मेरिट सूची

यूपी में सरकारी भर्ती हुई स्मार्ट, योगी सरकार ने शुरू किया OTR सिस्टम, अब बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं

पहले भी विवादों में रहे बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम गर्ग, जानिए अब क्या है नया विवाद

गुजरात में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI होगा नियंत्रित

अगला लेख