1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. us-doomsday-missile-minuteman-iii-test-2026-features

कयामत आ जाएगी! क्या है अमेरिका की 'डूम्स-डे' मिसाइल और क्यों कांपती है दुनिया?

मिसाइल के मामले में कौन ज्यादा ताकतवर, अमेरिका या फिर रूस

Doomsday Missile Minuteman III
Doomsday Missile Minuteman III: वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सबसे घातक परमाणु मिसाइल 'मिनटमैन-III' (Minuteman III) का सफल परीक्षण कर दुनिया को अपनी सामरिक शक्ति का अहसास कराया है। 'डूम्स-डे' यानी कयामत की मिसाइल के नाम से मशहूर यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) आधे घंटे के भीतर दुनिया के किसी भी कोने में परमाणु तबाही मचाने में सक्षम है। 5 मार्च 2026 को वैंडेनबर्ग बेस से हुआ यह परीक्षण ऐसे समय में आया है, जब मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें तेज हो रही हैं। आखिर क्या है इस मिसाइल की तकनीक और क्यों इसे रोकना नामुमकिन माना जाता है? आइए जानते हैं।

Minuteman III : मारक क्षमता और शक्ति

दूरी : यह मिसाइल 13 हजार किलोमीटर से अधिक दूर बैठे दुश्मन को तबाह कर सकती है। यानी अमेरिका से छोड़े जाने पर यह आधे घंटे के भीतर दुनिया के किसी भी कोने में पहुंच सकती है। 
 
विनाशकारी शक्ति : यह मिसाइल बड़ी तबाही लाने में सक्षम है। इसकी विनाशकारी शक्ति का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि एक डूम्सडे मिसाइल में हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना अधिक शक्तिशाली वारहेड हो सकते हैं। अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम से हमला कर उन्हें बर्बाद कर दिया था। 
 
रफ्तार : इसकी रफ्तार लगभग 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे रडार और डिफेंस सिस्टम के लिए पकड़ना नामुमकिन बना देती है।

इसे क्यों कहा जाता है 'डूम्स-डे'?

इसे 'कयामत की मिसाइल'  (Dooms-Day) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह Second Strike Capability (जवाबी हमले की क्षमता) का हिस्सा है। अगर अमेरिका पर कोई परमाणु हमला होता है, तो ये मिसाइलें जमीन के नीचे बने सुरक्षित साइलो (Silos) से निकलकर दुश्मन का पूरी तरह सफाया कर सकती हैं। वहीं, रूस की Satan-II वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी और भारी मिसाइल है। यह इतनी शक्तिशाली है कि एक ही मिसाइल फ्रांस या टेक्सास जैसे बड़े क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर सकती है।
मिनटमैन-III पुरानी होने के बावजूद दुनिया की सबसे विश्वसनीय मिसाइल मानी जाती है। माना जाता है कि इसका कमांड और कंट्रोल सिस्टम इतना सटीक है कि यह पिन-पॉइंट टारगेट को भी हिट कर सकती है। अमेरिका अब इसे LGM-35A Sentinel से बदल रहा है जो और भी आधुनिक होगी।

भविष्य की 'डूम्स-डे' मिसाइल : LGM-35A Sentinel

अमेरिका अब Minuteman III को बदलकर नई मिसाइल 'सेंटिनल' (Sentinel) ला रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 'सेंटिनल' प्रोग्राम के पुनर्गठन का काम इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इस मिसाइल की खासियत यह है कि यह पुरानी मिसाइल की तुलना में अधिक सटीक होगी। इसे डिजिटल रूप से कंट्रोल करना आसान होगा। इसकी पहली उड़ान 2027 में प्रस्तावित है।
 
दरअसल, डूम्सडे मिसाइल इसलिए चर्चा में है क्योंकि 5 मार्च 2026 को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग बेस से इसका परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब मध्य पूर्व (ईरान-अमेरिका, इजराइल) में तनाव चरम पर है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक 'नियमित परीक्षण' बताया है जो सालों पहले तय किया गया था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
UP में यमुना एक्सप्रेसवे बन रहा बहुक्षेत्रीय औद्योगिक कॉरिडोर