ईरान की 'मोजैक डॉक्ट्रीन' से ट्रंप-नेत्याहू परेशान: क्या है वह रणनीति, जिसमें 'सिर कटने' पर भी 'धड़' लड़ता रहता है?
AI generated photo
मध्य पूर्व की भू-राजनीति हमेशा से जटिल और तनावपूर्ण रही है। इस क्षेत्र में ईरान एक प्रमुख खिलाड़ी है और उसकी सैन्य रणनीतियां अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। इन रणनीतियों में सबसे प्रमुख और रहस्यमयी है 'मोजैक डॉक्ट्रीन' (Mosaic Doctrine) यह रणनीति इस विचार पर आधारित है कि यदि दुश्मन देश के कमांड और कंट्रोल सेंटर को तबाह भी कर देता है, तो भी उसकी स्थानीय इकाइयां स्वतंत्र रूप से लड़ती रहेंगी। जानिए क्या है मोजैक डॉक्ट्रीन और यह कैसे काम करती है।
मोजैक डॉक्ट्रीन की परिभाषा (Definition of Mosaic Doctrine)
मोजैक डॉक्ट्रीन एक प्रकार की "विषम युद्ध" (Asymmetric Warfare) रणनीति है, जिसे ईरान ने अपनी भौगोलिक और सैन्य वास्तविकताओं के अनुरूप विकसित किया है। इस डॉक्ट्रीन का मूल सिद्धांत "विकेंद्रीकरण" (Decentralization) है। इसका मतलब यह है कि ईरान की सैन्य शक्ति को छोटे-छोटे, स्वायत्त और स्वतंत्र समूहों में विभाजित किया गया है। ये समूह स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने और दुश्मन के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ और विकास (Historical Context and Development)
मोजैक डॉक्ट्रीन का विकास ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) के दौरान हुआ था। इस युद्ध के दौरान ईरान ने अनुभव किया कि दुश्मन देश के पास आधुनिक हथियार और प्रौद्योगिकी है, जिसका मुकाबला करना उसके लिए मुश्किल है। इसलिए, ईरान ने एक ऐसी रणनीति विकसित की, जिसमें वह दुश्मन के खिलाफ एक लंबी और थका देने वाली लड़ाई लड़ सके। इस रणनीति में, उसने स्थानीय आबादी का उपयोग करके दुश्मन के खिलाफ छापामार युद्ध लड़ा।
मोजैक डॉक्ट्रीन की प्रमुख विशेषताएं (Key Features of Mosaic Doctrine)
मोजैक डॉक्ट्रीन की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
विकेंद्रीकृत कमांड और कंट्रोल (Decentralized Command and Control): इस डॉक्ट्रीन में, कमांड और कंट्रोल को स्थानीय स्तर पर विकेंद्रीकृत किया जाता है। इसका मतलब यह है कि स्थानीय इकाइयां स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकती हैं और दुश्मन के खिलाफ लड़ सकती हैं।
स्थानीय आबादी का उपयोग (Use of Local Population): इस डॉक्ट्रीन में, स्थानीय आबादी का उपयोग दुश्मन के खिलाफ लड़ने के लिए किया जाता है। स्थानीय लोग दुश्मन की गतिविधियों पर नज़र रखते हैं और ईरानी सेना को जानकारी देते हैं।
सस्ते और प्रभावी हथियारों का उपयोग (Use of Cheap and Effective Weapons): इस डॉक्ट्रीन में सस्ते और प्रभावी हथियारों का उपयोग किया जाता है। इसमें, ईरानी सेना ड्रोन, मिसाइल और अन्य विषैले हथियारों का उपयोग करती है।
मोजैक डॉक्ट्रीन के कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
दुश्मन को थका देना (To Tire Out the Enemy): यह डॉक्ट्रीन दुश्मन को एक लंबी और थका देने वाली लड़ाई में फंसाने का प्रयास करती है। इसमें, ईरानी सेना दुश्मन के खिलाफ छोटे-छोटे हमले करती है और उसे आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर करती है।
दुश्मन के लिए युद्ध को महंगा बनाना (To Make the War Expensive for the Enemy): यह डॉक्ट्रीन दुश्मन के लिए युद्ध को महंगा बनाने का प्रयास करती है। इसमें, ईरानी सेना दुश्मन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाती है और उसे भारी नुकसान पहुंचाती है।
मोजैक डॉक्ट्रीन ईरान की एक महत्वपूर्ण सैन्य रणनीति है। यह डॉक्ट्रीन विषैले युद्ध के सिद्धांतों पर आधारित है और इसमें विकेंद्रीकरण, छापामार युद्ध और स्थानीय आबादी का उपयोग शामिल है। इस डॉक्ट्रीन के माध्यम से, ईरान दुश्मन के खिलाफ एक लंबी और थका देने वाली लड़ाई लड़ने में सक्षम है। यह डॉक्ट्रीन मध्य पूर्व की भू-राजनीति को प्रभावित करती है और इसे क्षेत्र में अशांति का एक प्रमुख कारण माना जाता है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

