भारत के पास LPG, LNG की कमी नहीं, आखिर क्या है भारत का प्लान B
अमेरिका इजराइल और ईरान में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से ग्लोबल ऑइल एंड गैस का पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है। आखिर भारत का इसे लेकर क्या प्लान है। भारत के पास कितने दिनों का भंडार है।
इस रूट के लंबे समय तक बंद रहने की सूरत में भारत के पास दूसरे विकल्प भी हैं। भारत की क्रूड ऑयल के लिए इस रास्ते पर ज्यादा निर्भरता नहीं है लेकिन एलपीजी और एलएनजी गैस के लिए भारत इस रास्ते पर ज्यादा निर्भर है। ऐसे में भारत के सामने बड़ी चुनौती इनकी सप्लाई सुनिश्चित करना है।
कच्चे तेल, गैस, एलपीजी और एलएनजी का स्टॉक
अरब मुल्कों के साथ भारत के तेल-गैस व्यापार का ये मह्वपूर्ण गलियारा है। यहां से 20 फीसदी कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। ईरान ही नहीं, सऊदी अरब, यूएई से लेकर कतर-कुवैत जैसे देशों से भारत को तेल-गैस की सप्लाई इसी रूट से होती है। केप्लर के मुताबिक, भारत के पास करीब 10 करोड़ बैरल वाणिज्यिक कच्चे तेल का स्टॉक है। इसमें रिफाइनरियों के पास मौजूद स्टॉक, भूमिगत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) और देश की ओर आ रहे जहाजों पर लदा तेल शामिल है।
पेट्रोलियम मंत्री बोले- प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक
मिडिल ईस्ट में दुश्मनी शुरू होने और दुनिया भर में एनर्जी की बदलती स्थिति के बाद, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया को मौजूदा हालात में देश की तैयारियों के बारे में भारत दुनिया भर में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। मिडिल ईस्ट से होने वाली शॉर्ट-टर्म दिक्कतों से निपटने के लिए देश में क्रूड ऑयल और पेट्रोल, डीज़ल और ATF जैसे ज़रूरी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक है।
सरकार ने क्या कहा
सरकार का कहना है कि उसके पास पर्याप्त भंडार है और चिंता की कोई बात नहीं है। इस बीच सरकार के सूत्रों का कहना है कि उसके पास कच्चे तेल, गैस, एलपीजी और एलएनजी का 25 दिनों का स्टॉक है। सरकारी सोर्स के मुताबिक भारत के पास 25 दिनों का क्रूड ऑयल, 25 दिनों का पेट्रोल और डीज़ल का स्टॉक है।
भारत के पास कुल 8 हफ़्ते का क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का स्टॉक है। भारत का सिर्फ़ 40% क्रूड होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाता है, और बाकी 60% क्रूड दूसरे सोर्स से आता है। भारत पिछले कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से रूस से क्रूड इम्पोर्ट करना जारी रखे हुए है। एनर्जी सिक्योरिटी, LPG और LNG के मामले में भारत अच्छी स्थिति में है। सरकार मिडिल ईस्ट में बदलते हालात पर कड़ी नज़र रख रही है।
रूस बन सकता है दोस्त
हिन्द महासागर और अरब महासागर क्षेत्र में मौजूद रूस के ऑयल कार्गों से ऑयल सप्लाई में मदद ली जा सकती है। रशियन ऑइल का ये स्टोरेज इसलिए इस क्षेत्र में है, क्योंकि भारत काफी कम मात्रा में रशियन क्रूड ऑइल ले रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
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