US Iran Conflict : क्रूड 82 डॉलर पहुंचा, क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए कितना असर
होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ा जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है। होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में उछाल का सीधा असर घरेलू ईंधन दरों पर पड़ता है। अगर मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होता है तो वैश्विक आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।
देश में फिलहाल घरेलू दरें स्थिर
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद भी देश में फिलहाल घरेलू दरें स्थिर हैं। अगर तनाव लंबा खिंचता है या आपूर्ति श्रंखला प्रभावित होने से आने वाले दिनों में बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
महंगा हुआ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर
इस बीच तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 28 रुपए बढा दिया है। इस बढोतरी के साथ ही दिल्ली में अब 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1768.50 रुपए में मिलेगा। पहले इसका रेट 1740.50 रुपए था। घरेलू सलेंडर के दाम स्थिर है।
edited by : Nrapendra Gupta