ट्रम्‍प ने ‘भारत’ को कहा ‘गंदा’, बाइडेन ने कहा, दोस्‍त के बारे में ऐसे बात करते हैं!

Last Updated: रविवार, 25 अक्टूबर 2020 (16:44 IST)
  • जो बाइडेन ने कहा कि ट्रम्प को वैश्विक मुद्दों की समझ नहीं है। बाइडेन ने कहा कि किसके बारे में कौन से शब्द का इस्तेमाल करना है, ये ट्रम्प नहीं जानते।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रम्प के मुख्य प्रतिद्वंदी और डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन ने प्रेसिडेंशियल डिबेट करते हुए कहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रम्प के मुख्य प्रतिद्वंदी और डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन ने ऐन चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना की है और कहा है कि उन्हें ये भी नहीं पता कि मित्रों के बारे में कैसे बात करनी चाहिए।
आखिरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में भारत को गंदा कहने पर जो बाइडेन ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को वैश्विक मुद्दों की समझ नहीं है। बाइडेन ने कहा कि किसके बारे में कौन से शब्द का इस्तेमाल करना है, ये ट्रम्प नहीं जानते।

डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस का जिक्र करते हुए बाइडेन ने एक ट्वीट में लिखा, ‘राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को 'गंदा' कहा’ यह भी नहीं जानते कि आप दोस्तों के बारे में कैसे बात करते हैं और आप जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों को कैसे हल करते हैं’ उन्होंने आगे लिखा है, ‘कमला हैरिस और मैंने गहराई से अपनी साझेदारी को महत्व दिया है। हम विदेश नीति के केंद्र में सम्मान वापस लाएंगे’

शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, अपने आखिरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में भारत में गंदी हवा का उल्लेख करते हुए उन्होंने पेरिस समझौते से बाहर निकलने के अपने फैसले का बचाव किया था। पेरिस समझौता वैश्विक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन को कम करके जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक प्रमुख वैश्विक कदम है।

रॉयटर्स के मुताबिक ट्रम्प ने कहा था, ‘भारत को देखो, यह कितना गंदा है, वहां हवा गंदी है’

सोशल मीडिया पर भी ट्रम्प के बयान पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान पर लोग उबाल में हैं। कुछ लोगों ने कहा है कि ट्रम्प के बयान ने भारत में वायु प्रदूषण की समस्या को जगजाहिर कर दिया है, जो लंबे समय से भारत में बनी हुई है।

ट्रम्प ने कहा था कि वो पेरिस समझौते की वजह से वो देश में लाखों नौकरियों और हजारों कंपनियों को बंद नहीं कर सकते हैं। उन्होंने पेरिस समझौते को विफल और असमान बताया था। ट्रम्प के पूर्ववर्ती राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पेरिस समझौते पर दस्तखत किए थे।



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