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स्‍वीडन के बाद अब नार्वे में क्‍यों भड़का इस्‍लाम विरोधी दंगा?

Updated: रविवार, 30 अगस्त 2020 (13:57 IST)
नार्वे में भी अब इस्‍लाम‍ व‍िरोधी दंगे भड़क उठे हैं। राजधानी ओस्‍लो में इस्‍लाम‍ व‍िरोध‍ियों ने जमकर प्रदर्शन क‍िया। इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने कुरान की प्रतियां फाड़ दीं।

स्‍वीडन में इस्‍लाम विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब इसकी आग पड़ोसी देश नार्वे तक फैल गई है। नार्वे की राजधानी ओस्‍लो में शनिवार को इस्‍लाम विरोधी और इस्‍लाम समर्थकों के बीच हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिमों की पवित्र किताब कुरान की प्रतियों को फाड़ दिया। इन प्रदर्शनों का आयोजन नार्वे के धुर दक्षिणपंथी संगठन स्‍टॉप इस्‍लामाइजेशन ऑफ नार्वे (SIAN) ने किया था।

ये प्रदर्शनकारी नार्वे की राजधानी ओस्‍लो में संसद की बिल्डिंग के बाहर इकट्ठा हुए और इस्‍लामी विचारधारा के ख‍िलाफ अपना विरोध जताया। बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। स्‍टॉप इस्‍लामाइजेशन ऑफ नार्वे के नेता लार्स थोर्सन ने इस्‍लाम विरोधी कई बयान दिए। उन्होंने पैगंबर के बारे में ऐसी बातें कहीं है जो मुस्लिम समुदाय को नागवार गुजर सकती है। इस दौरान संस्‍था के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और गाने गाए।

उधर, स्‍टॉप इस्‍लामाइजेशन ऑफ नार्वे के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस‍के विरोधी भी वहां पर जमा हो गए लेकिन पुलिस ने तत्‍काल ऐक्‍शन लेते हुए उन्‍हें रोक दिया। इससे दोनों ही गुट एक-दूसरे से काफी दूर रहे। इस बीच स्‍टॉप इस्‍लामाइजेशन ऑफ नार्वे की एक सदस्‍य ने कुरान निकाली और उसकी प्रतियां फाड़ डाली। इसे दूसरी तरफ मौजूद इस्‍लाम समर्थकों ने देख लिया और विरोध प्रदर्शन आक्रामक हो गया।

इसके बाद इस्‍लाम‍ समर्थकों ने पुलिस के बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और स्‍टॉप इस्‍लामाइजेशन ऑफ नार्वे के समर्थकों से भिड़ गए। इसके बाद दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई। हालांकि बाद में पुलिस ने जोरदार कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। बताया जा रहा है कि इस संघर्ष में एक व्‍यक्ति घायल हो गया है। पुलिस ने बड़ी संख्‍या में लोगों को अरेस्‍ट किया है।

इससे पहले स्वीडन में शुक्रवार रात को सैकड़ों लोग दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सड़कों पर उतर आए जिससे दंगे पैदा हो गए थे। दक्षिणपंथियों ने पहले कुरान को जला दिया था जिसके बाद नाराज लोगों ने आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सड़कों पर टायर जालाए जा रहे हैं और मालम शहर में धुआं ही धुआं है। माना जा रहा है कि करीब 300 लोगों ने पुलिस पर भी पथराव किया जब उन्होंने हालात को काबू में करने की कोशिश की।

एक दक्षिणपंथी नेता को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके समर्थकों ने कुरान को जला दिया था। इसी जगह पर बाद में विरोध प्रदर्शनों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। नैशनल खबार Daily Aftonbladet की रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को एक पब्लिक स्क्वेयर पर इस्लाम-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान तीन लोगों को पहले कुरान की एक प्रति को पैर मारते देखा गया था।

दरअसल, देश में प्रतिबंधित डेनमार्क की Hard Line के नेता Rasmus Paludan को मालम में मीटिंग की इजाजत नहीं दी गई थी और स्वीडन के बॉर्डर पर रोक लिया गया था। प्रशासन को शक था कि उनके आने से स्वीडन में कानून को तोड़ा जाएगा और सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचेगा। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

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