सफल हुई Microsoft की अनूठी पहल, कर्मचारियों को 3 दिन की छुट्टी देने से 40 प्रतिशत बिक्री बढ़ी

Last Updated: बुधवार, 6 नवंबर 2019 (00:29 IST)
टोक्यो। अमेरिका की कंपनी (Microsoft) ने में अपने कर्मचारियों को सप्ताह में 3 दिन का अवकाश देकर नई पहल की है। जापान में जहां कर्मचारी अधिक काम के बोझ से दबे रहते हैं वहां कंपनी ने कर्मचारियों को सप्ताह में 3 दिन अवकाश देकर 40 प्रतिशत बिक्री बढ़ाने के साथ ही लागत में कटौती भी हासिल की है।
माइक्रोसॉफ्ट जापान ने प्रयोग के तौर पर अपने कार्यबल को सप्ताह में तीन दिन की छुट्टी देने की शुरुआत की है। कंपनी ने इस कदम के बाद पाया कि सप्ताह के चार दिन काम और अन्य सुधारों से न केवल उसकी बिक्री बढ़ी बल्कि लागत में भी कमी लाने में मदद मिली है।

अमेरिकी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी की जापान इकाई ने अगस्त महीने में अपने कर्मचारियों को सप्ताह में तीन दिन यानी शुक्रवार से अवकाश दिया। यह विशेष छुट्टी सभी 2,300 पूर्णकालिक कर्मचारियों को दी गई।
साथ ही कंपनी ने बैठकों की समय-सीमा अधिकतम 30 मिनट की और आमने-सामने बातचीत के बजाय ‘ऑनलाइन चैट’ के लिए प्रोत्साहित किया।
माइक्रोसॉफ्ट जापान के अनुसार बैठकों में प्रतिभागियों की संख्या पांच निर्धारित की गई और कर्मचारियों को ई-मेल के बजाय ऑनलाइन बातचीत के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कंपनी के इन कदमों से परिणाम सकारात्मक रहे। इससे प्रति कर्मचारी बिक्री अगस्त महीने में इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत बढ़ी। बिजली खपत में एक चौथाई और कागजों के उपयोग में आधे की कमी आई।

माइक्रोसॉफ्ट जापान के अनुसार इस प्रयोग से पता चलता कि कर्मचारी काम के विभिन्न तौर-तरीके पंसद करते हैं तथा व्यापक रूप से इस मॉडल के उपयोग से कार्यकुशलता और बढ़ सकती है।
कंपनी की जाड़े के मौसम में इसी प्रकार का कार्यक्रम शुरू करने की योजना है, लेकिन इसमें विशेष अवकाश की पेशकश नहीं की जाएगी। इसमें कर्मचारियों को मौजूदा अवकाशों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

जापान सरकार काम के दबाव से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए काम के लचीले तौर-तरीकों को बढ़ावा दे रही है। इसमें अलग-अलग कार्य अवधि और कम व्यस्त समय में आने की अनुमति देना आदि शामिल हैं। कंपनी का यह प्रयास उसी का हिस्सा है।
इन प्रयासों का मकसद कर्मचारियों को काम के बोझ से राहत दिलाना है और निरंतर घटती आबादी की समस्या से निपटने के लिए दंपतियों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।


और भी पढ़ें :