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जानिए ईरान और इजराइल की लड़ाई में किन देशों के ऊपर से होकर गुजरती हैं मिसाइलें

Operation Rising Lion
Israel Iran war news: ईरान और इजराइल के बीच तनाव इन दिनों सुर्खियों में है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें लगातार सुनाने में aa रही हैं। चूँकि ईरान और इजराइल की कोई सीधी सीमा नहीं है और वे लगभग 1300 से 1500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, तो जाहिर है, इन हमलों में कई देशों के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि जब ये दोनों देश एक-दूसरे पर हमला करते हैं, तो उनकी मिसाइलें वास्तव में कहां से होकर गुजरती हैं?आइये जानते हैं इस हवाई मार्ग में कौन से देश शामिल हैं :

मध्य पूर्व का जटिल हवाई गलियारा
जब ईरान या इजराइल एक-दूसरे को निशाना बनाते हैं, तो उनकी मिसाइलों और ड्रोनों को एक जटिल हवाई मार्ग से गुजरना पड़ता है। यह कोई सीधी उड़ान नहीं होती, बल्कि इसमें कई संप्रभु राष्ट्रों का हवाई क्षेत्र शामिल होता है। इनमें से प्रमुख देश हैं:
इराक (Iraq): ईरान से निकलने वाली मिसाइलों के लिए इराक का हवाई क्षेत्र एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य मार्ग है। यह ईरान के पश्चिम में स्थित है और इजराइल तक पहुँचने के लिए मिसाइलों को इसके ऊपर से गुजरना पड़ता है। इराक की भौगोलिक स्थिति इसे इस हवाई मार्ग का एक अपरिहार्य हिस्सा बनाती है।
सीरिया (Syria): इराक के बाद सीरिया का नंबर आता है। सीरिया, इजराइल के उत्तर-पूर्व में स्थित है और ईरान से आने वाली मिसाइलों के लिए यह भी एक महत्वपूर्ण पारगमन बिंदु है। सीरिया में लंबे समय से चल रहे संघर्षों के कारण, इसका हवाई क्षेत्र अक्सर सैन्य गतिविधियों का गवाह रहा है।
जॉर्डन (Jordan): सीरिया के दक्षिण और इजराइल के पूर्व में स्थित जॉर्डन भी इस हवाई मार्ग का हिस्सा बन जाता है। ईरान की मिसाइलों को इजराइल तक पहुँचने के लिए अक्सर जॉर्डन के हवाई क्षेत्र का भी उपयोग करना पड़ता है।
लेबनान (Lebanon): इजराइल के ठीक उत्तर में स्थित लेबनान भी इस हवाई गलियारे में एक भूमिका निभाता है। हालांकि यह मुख्य रूप से मिसाइलों के अंतिम चरण में अधिक प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन कुछ विशेष मिसाइल मार्गों के लिए इसका हवाई क्षेत्र भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन देशों के हवाई क्षेत्रों को पार करने के बाद ही ईरान की मिसाइलें इजरायल के लक्ष्य तक पहुंच पाती हैं। यह स्थिति इन देशों के लिए भी सुरक्षा संबंधी चिंताएँ पैदा करती है, क्योंकि उनके संप्रभु हवाई क्षेत्र का उपयोग ऐसे सैन्य अभियानों के लिए किया जाता है।


कितनी देर में पहुंचती हैं मिसाइलें ?
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि ये अत्याधुनिक मिसाइलें काफी कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंच जाती हैं। जानकारी के अनुसार, ईरान अब तक इजराइल पर लगभग 370 बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुका है, जिनमें लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं। यदि ईरान मैक-5 (Mach-5) गति वाली बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग करता है, तो उसे इजराइल तक पहुंचने में लगभग 12 मिनट का समय लगता है। वहीं, कुछ अन्य मिसाइलों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने और हिट करने में तो केवल 6 से 7 मिनट का ही समय लगता है।
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