जब इस तानाशाह को गुस्सा आता तो छोड़ता रहता है मिसाइलें...

पुनः संशोधित शुक्रवार, 17 जून 2016 (23:50 IST)
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उत्तर कोरिया का उन हर दूसरे दिन अपने कट्टर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लिए एक नया सैनिक चक्रव्यूह तैयार कर रहा है। उसने एक नया चक्रव्यूह रचा है, जिसमें जमीन पर दुनिया का महानक्शा बना है और उस पर नाचती हैं उसकी जिंदा कठपुतलियां। जी हां, ये ऐसा युद्ध अभ्यास है, जिसे देखकर कई देश दंग रह गए हैं।
किम जॉन्ग का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बड़ा-सा चबूतरा है। उस पर बना है दुनिया का नक्शा और उस पर दो-दो के जोड़ों में कम से कम 8 फौजी है। इसमें फौजी कार्ड बोर्ड का बना लड़ाकू विमान उड़ा रहा है। वीडियो में आसमानी जंग का अभ्यास कर रहे हैं। उनका आका उत्तर कोरिया का सैनिक तानाशाह किम जॉन्ग सैनिकों के इस अभ्यास को मजे से देख रहा है। वो अपनी जिंदा कठपुतलियों के इस गेम का आनंद लेता दिख रहा है।
 
अभी ये साफ नहीं हो सका है कि क्या उत्तर कोरिया के सैनिक जनरल वाकई राजधानी प्योंगयोंग के भीतर बने इस फौजी अड्डे में इसी तरह अपने फौजियों को जंग की ट्रेनिंग देते हैं? या फिर ये सब कुछ रचा गया सिर्फ तानाशाह को खुश करने के लिए, क्योंकि इस तानाशाह के बारे में कहा जाता है कि जंग उसकी जरूरत नहीं उसका शौक है। ये गेम तब खेले जाते हैं, मिसाइलें तब छोड़ी जाती हैं जब तानाशाह को गुस्सा आता है। इन गेम्स के जरिए ही उसका मूड ठीक होता है।
 
तानाशाह के पिता किम जॉन्ग 2 का पूर्व रसोइया केंजी फुजीमोतो कहता है कि तानाशाह का जंग छेड़ने का कोई इरादा नहीं है। वो परमाणु हमला भी करना नहीं चाहता है। लेकिन वो युद्ध के ऐसे अभ्यास करता है मन बहलाने के लिए। वो जब भी गुस्सा होता है तब उसके जनरल मिसाइलों की टेस्टिंग करते हैं। वो गुस्सा तब होता है, जब अमेरिका कोई नई सैनिक रणनीति तय करता है या फिर उत्तर कोरिया पर कोई नई पाबंदी थोपता है। चाहे मजे के लिए हो या फिर गुस्से के चलते हो, तानाशाह इस तरह के युद्ध अभ्यास पश्चिमी देशों को हैरत से भर देते हैं। जानकारों का ये भी कहना है कि उत्तर कोरिया के ऐसे वॉर गेम्स में उसकी खुफिया युद्धनीति छुपी हो सकती है।
 
ये भी हो सकता है कि ऐसे युद्ध अभ्यास के जरिए वो अपने सैनिक कमांडरों को मूव्स यानी जंग की हालत में सटीक फैसले लेने के तरीके सिखाता हो। दूसरा दुनिया के नक्शे पर घूमते उसके फौजी ये संकेत दे रहे हैं कि हम पूरी दुनिया पर हावी होने की ताकत और कूवत रखते हैं। ये भी संदेश दिया जाता है कि हम दुनिया के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकते हैं, इसलिए अमेरिका ये खुशफहमी न पाले कि हम उसकी जमीन तक वार नहीं कर सकेंगे।
 
जानकार उत्तर कोरिया के सैनिक तानाशाह के युद्ध अभ्यास को उसकी नई नीति से जोड़ कर देख रहे हैं, बायोंगजिन नाम की ये नीति हाल ही में हुई कांग्रेस में तय की गई गई है, जिसमें आर्थिक विकास और परमाणु बम दोनों पर एक साथ जोर देने की बात है।
 



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