भारत-पाक के लिए क्लिंटन विशेष दूत!

लंदन (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 25 दिसंबर 2008 (18:31 IST)
खबर है कि अमेरिका की मनोनीत विदेश मंत्री दुनिया के अशांत इलाकों के लिए विशेष दूतों का एक हिट स्क्वायड या जत्था तैयार रही हैं और उनके पति एवं पूर्व राष्ट्रपति भारत एवं पाकिस्तान के लिए विशेष दूत की भूमिका निभाएँगे।

ब्रिटिश दैनिक डेली मेल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि हिलेरी ने भारतीय उपमहाद्वीप के विशेष दूत के लिए बिल क्लिंटन का नाम सुझाया है, जहाँ मुंबई हमलों के बाद स्थिति विस्फोटक हो गई है। बिल क्लिंटन संकटमोचक की अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं।

उल्लेखनीय है जब बिल क्लिंटन खुद अमेरिका के राष्ट्रपति थे तो उन्होंने अशांत क्षेत्रों में सुलह-सफाई के लिए अनेक विशेष दूत नियुक्त किए थे। इनमें रिचर्ड होलब्रुक भी शामिल हैं, जो पश्चिम एशिया और बाल्कन क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अपनी प्रमुख भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
ब्रिटिश दैनिक की रिपोर्ट में बताया गया है कि हिलेरी 20 जनवरी 2009 को विदेश मंत्रालय की अपनी जिम्मेदारियाँ संभालेंगी। तब इन राजनयिकों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बिखरे अशांत क्षेत्रों में भेजा जाएगा, जहाँ वे टकराव होने से रोकने का प्रयास करेंगे।

डेली मेल की रिपोर्ट में बताया गया है कि होलब्रुक का नाम भी संभावित विशेष दूतों में शामिल है और उन्हें अफगानिस्तान या ईरान का विशेष दूत बनाया जा सकता है।
ब्रिटिश दैनिक की इस रिपोर्ट के अनुसार इजराइल में अमेरिकी राजदूत की जिम्मेदारियाँ निभा चुके मार्टिन इंडिक के नाम की भी चर्चा है।

डेली मेल ने हिलेरी क्लिंटन के निकट सूत्रों के हवाले से कहा है कि निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जार्जडब्ल्यू बुश के शासनकाल में पेंटागन सरकार में मुख्य भूमिका निभा रहा था। वे विदेश मंत्रालय को प्रमुख भूमिका में ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने अपने पति के दल के दो लोगों को लिया है।
रिपोर्ट के अनुसार क्लिंटन सरकार में बजट निदेशक की जिम्मेदारियाँ संभाल चुके जैकब लियु को हिलेरी ने यह कार्यभार सौंपा है कि उनका विदेश मंत्रालय को कोषों की कमी से जूझना नहीं पड़े। वे दुनियाभर में फैले अपने राजनयिकों के लिए अतिरिक्त कोष चाहती हैं। हिलेरी ने क्लिंटन शासनकाल के राष्ट्रीय सुरक्षा उपसलाहकार जेम्स स्टीनबर्ग को भी जिम्मेदारियाँ सौंपी है।



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