biodatamaker

अनुभूति का लेखन है लघुकथा

Updated: मंगलवार, 3 मार्च 2026 (21:02 IST)
Shivnath Sahitya Sammelan: शिवनाथ साहित्य समागम, सीहोर के दो दिवसीय सम्मेलन में साहित्य की विभिन्न विधाओं पर चर्चा एवं विमर्श संपन्न हुआ। इस दौरान लघुकथा विधा पर भी एक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में "लघुकथाओं की भीड़ में कहां गुम हो गई-लघुकथा" विषय पर संवाद एवं विमर्श हुआ। 
 
सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार, लेखक मोहन वर्मा ने किया और वक्ता के रूप में दिल्ली से श्रीमती नीलिमा शर्मा, देवास से श्रीमती यशोधरा भटनागर, इंदौर से श्रीमती दीपा मनीष व्यास एवं विजय सिंह चौहान मंच पर उपस्थित थे। संवाद सत्र में वक्ताओं ने लघुकथाओं के आकार, प्रकार, भाषा,वर्तमान परिदृश्य एवं भविष्य में लघुकथाओं की समृद्धता पर खुलकर बात की गई । 
 
श्रीमती नीलिमा शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि लघुकथा में यदि हम देशज शब्दों का इस्तेमाल करें, हमारे आसपास के परिवेश और बोलिया को स्थान दें ताकि पुरानी पीढ़ी को नई पीढ़ी से जोड़ा जा सके वही श्रीमती भटनागर ने कहा कि लघुकथा के आकार प्रकार, भाषा, कथ्य और शिल्प के माध्यम से लघुकथाओं ने अन्य विधाओं के साथ अपनी गहरी पैठ बनाई है।
 
श्रीमती दीपा मनीष व्यास ने कहा कि लघुकथा का भविष्य सुखद है और लघुकथा भीड़ में भी पहचानी जा सकती है। लघुकथा के जानकार उसके फॉर्मेट के हिसाब से आसानी से पहचान सकते हैं कि यह लघुकथा के पैमाने पर खरी उतरती है या नहीं।  इतनी मात्रा में लघुकथाओं का सृजन किया जाना अपने आप में सुखद संकेत है।
 
विजय सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि लघुकथा किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा है जिसका आकार प्रकार, भाषा, अनुभूति में लिप्त होती है। यह शब्दों का खेल नहीं संकेत की भाषा है जो अंत में अपने पाठकों के दिल में छाप छोड़ जाती है। इस दौरान देशभर से आए साहित्यकार, लेखक एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

1.43 लाख का iPhone 14 Pro ऑर्डर किया, बॉक्स में निकला नकली चीनी फोन, अब कंपनी देगी करीब ₹1.7 लाख

ब्रिटेन में क्यों फंसे हैं विजय माल्या? भगोड़े कारोबारी ने किया बड़ा दावा

मजिस्ट्रेट की इतनी हिम्मत..? छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को लगाई कड़ी फटकार

सभी देखें

योगी सरकार की FDI नीति का असर, यूपी में ₹2,078 करोड़ का बड़ा निवेश, 1,700 से ज्यादा रोजगार

अब WhatsApp से भरें बिजली, पानी और गैस का बिल, ऐसे काम करेगा नया Bill Payment फीचर

सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद इस्लामाबाद की चुप्पी, क्या 'मक्का पैक्ट' की परीक्षा में फेल हो गया पाकिस्तान?

MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 50 फीसदी बढ़ा, खत्म हुआ धरना, काम पर लौटे जूडा और इंटर्न डॉक्टर

Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

अगला लेख