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Last Updated : बुधवार, 1 जुलाई 2026 (17:59 IST)

सुबह फोड़ा लेटर बम, दोपहर में पलटे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कहा, मुझे नहीं पता, जिसने छापा उसी अखबार से पूछो

Kailash Vijayvargiya
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की वायरल चिठ्ठी से मध्‍यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय की जो चिठ्ठी सुबह एक अखबार में खबर बनकर वायरल हुई उसे लेकर दोपहर तक मंत्री विजयवर्गीय ने अपनी तरफ से बयान देकर ऐसी किसी भी चिठ्ठी लिखने की बात से इनकार किया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखी गई कथित वायरल चिट्ठी पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी नहीं है और जिस अखबार ने खबर प्रकाशित की है, उसी से पूछना चाहिए। इस बीच कांग्रेस नेताओं ने कथित पत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब इंदौर से प्रकाशित एक अखबार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखी गई एक कथित चिट्ठी प्रकाशित होने का दावा किया गया। पत्र में इंदौर की उपेक्षा, विकास कार्यों में असहयोग और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शहर को प्राथमिकता नहीं मिलने जैसे मुद्दे उठाए गए थे। हालांकि, इस पूरे मामले पर कैलाश विजयवर्गीय ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

कहां से लाते हो ये जानकारी : मीडिया ने जब वायरल पत्र को लेकर उनसे सवाल किया तो विजयवर्गीय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "कहां से लाते हो ये जानकारी? कौन-सा पत्र? जिस अखबार ने खबर छापी है, उसी से पूछिए।" दोबारा सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने भी खबर पढ़ी है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि ऐसी बातें कहां से लिख दी जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में वही लोग जवाब दे सकते हैं जिन्होंने यह खबर प्रकाशित की है।

क्‍या है कथित चिठ्ठी में : वायरल पत्र में दावा किया गया था कि विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इंदौर के मास्टर प्लान में देरी, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन में इंदौर की अनदेखी, पीथमपुर में औद्योगिक सुविधाओं की कमी, इंदौर एयरपोर्ट विस्तार और सिंहस्थ परियोजनाओं में शहर की उपेक्षा जैसे मुद्दे उठाए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि जल संकट के दौरान इंदौर को अपेक्षित राहत नहीं मिली। हालांकि विजयवर्गीय ने इन दावों की पुष्टि नहीं की, लेकिन इस कथित पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय के प्रति सहानुभूति जताई और मुख्यमंत्री पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। वहीं कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा ने भी कथित पत्र को इंदौर के हित में उठाई गई साहसिक आवाज बताया।

बता दें कि विजयवर्गीय पहले भी इंदौर से जुड़े विकास कार्यों और प्राथमिकता के मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, वायरल पत्र की सत्यता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्वयं विजयवर्गीय ने भी इसकी जानकारी से इनकार किया है। ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार या भाजपा संगठन की ओर से इस पूरे विवाद पर आगे क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है। 
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें
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