इंदौर में 450 किलो लो-फैट पनीर जब्त, प्राकृतिक पदार्थों को बढ़ावा देने की मुहिम के चलते कार्रवाई
इंदौर खाने-पीने के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां बडी संख्या में एनालॉग पनीर या अमानक वस्तुएं खिलाने के साथ ही खाने में मिलावट की जा रही हैं। हाल ही इंदौर के पालदा स्थित उमापति इंडस्ट्रीज पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। यहां से विभाग ने 450 किलोग्राम लो-फैट पनीर जब्त किया और फैक्ट्री में पनीर का निर्माण कार्य तुरंत बंद करवा दिया। अधिकारियों ने पनीर के नमूने लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं।
450 किलोग्राम लो-फैट पनीर जब्त: कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 450 किलोग्राम लो-फैट पनीर जब्त किया और निर्माण कार्य तत्काल बंद करा दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में केवल प्राकृतिक दूध से बने पनीर और डेयरी उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि एनालॉग पनीर को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। इससे पहले स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने एनालॉग पनीर पर रोक लगाने की घोषणा की थी। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 1.17 लाख बताई गई है।
नियमों का हो रहा था उल्ल्ंघन : खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पालदा की उमापति इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया, जहां लो-फैट पनीर का निर्माण और पैकिंग चल रही थी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार निरीक्षण में परिसर की ड्रेनेज व्यवस्था सही नहीं पाई गई और दीवारें गंदी थीं। कच्चे माल का भंडारण निर्धारित तरीके से पैलेट्स पर रखने के बजाय अव्यवस्थित मिला। इसके अलावा पैकेजिंग के लेबल पर दर्ज पोषण संबंधी जानकारी की प्रामाणिक जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं थी। सामग्री सूची में पानी के उपयोग का उल्लेख था, लेकिन उपयोग किए जा रहे पानी की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान परिसर की परिस्थितियां पनीर निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया।
नियमों का हो रहा था उल्ल्ंघन : खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पालदा की उमापति इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया, जहां लो-फैट पनीर का निर्माण और पैकिंग चल रही थी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार निरीक्षण में परिसर की ड्रेनेज व्यवस्था सही नहीं पाई गई और दीवारें गंदी थीं। कच्चे माल का भंडारण निर्धारित तरीके से पैलेट्स पर रखने के बजाय अव्यवस्थित मिला। इसके अलावा पैकेजिंग के लेबल पर दर्ज पोषण संबंधी जानकारी की प्रामाणिक जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं थी। सामग्री सूची में पानी के उपयोग का उल्लेख था, लेकिन उपयोग किए जा रहे पानी की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान परिसर की परिस्थितियां पनीर निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया।

