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11वां ग्लोबल हीलिंग डे, 27 देशों के प्रतिनिधियों ने 'सर्वधर्म प्रार्थना' से दिया 'वसुधैव कुटुंबकम्' का संदेश

ग्लोबल हीलिंग डे 2026
मानवता, विश्व शांति और सर्वधर्म सद्भाव के पावन उद्देश्य के साथ '11वाँ ग्लोबल हीलिंग डे' ऑनलाइन माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस वैश्विक आयोजन का मुख्य केंद्र इंदौर रहा, जिसमें भारत सहित दुनिया के 27 देशों के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने सामूहिक पूजा, प्रार्थना, दुआ और अरदास के माध्यम से विश्व कल्याण की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न देशों से जुड़े प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाकर किया गया।

विदेश यात्रा टालकर ऑनलाइन आयोजन

आयोजन के संस्थापक कृष्णा गुरुजी (कृष्णाकांत मिश्रा) ने बताया कि वर्ष 2026 का यह कार्यक्रम बैंकॉक में आयोजित होना तय था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय अपील का सम्मान करते हुए विदेश यात्रा स्थगित की गई और इसे इंदौर से ऑनलाइन आयोजित किया गया।
 
ग्लोबल हीलिंग डे का सफर: वर्ष 2016 में शुरू हुई इस यात्रा के तहत पूर्व में मलेशिया (2017), उज्जैन (2018), दुबई (2019), सिएटल (2022), न्यूयॉर्क (2023) और ऋषिकेश (2024) में आयोजन हो चुके हैं। कोविड काल (2020-21) और 2025 में भी यह ऑनलाइन हुआ था।
 
11 अगस्त को मिले 'सर्वधर्म प्रार्थना दिवस' की पहचान: कृष्णा गुरुजी ने प्रस्ताव रखा कि हर साल 11 अगस्त को भारत में 'सर्वधर्म प्रार्थना दिवस' के रूप में मान्यता दी जाए।

प्रमुख अतिथियों व विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने की सराहना

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सुरेश शर्मा (Consulate General of India, सिएटल, अमेरिका) ने पिछले 11 वर्षों से जारी इस पहल की सराहना की और कहा कि मानवता को जोड़ने वाले ऐसे प्रयास आज के विश्व की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। वैशाली जी (उपध्यक्ष, विहिप बैंकॉक) व ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी (इंदौर) ने कहा कि शांति की शुरुआत व्यक्ति के मन से होती है। जब मन शांत होगा, तभी विश्व में शांति स्थापित होगी।
 
विभिन्न देशों से सहभागिता: फिनलैंड से जीवन मुक्ति (कुंडलिनी अवेकनिंग रिसर्चर), कनाडा से बलजिंदर सिंह और इंदौर से मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए तारिक अब्बासी ने शिरकत की। सभी ने माना कि पूजा-प्रार्थना की पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन मानवता की भावना एक है।

'वसुधैव कुटुंबकम्' का वैश्विक संदेश

कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कृष्णा गुरुजी ने कहा: हमारे सनातन धर्म का 'वसुधैव कुटुंबकम्' का संदेश पूरे विश्व को एक परिवार मानता है। हमारा उद्देश्य किसी एक धर्म का प्रचार करना नहीं, बल्कि सभी धर्मों को मानवता और शांति के लिए एक मंच पर लाना है। कार्यक्रम का संचालन गणपति जयलक्ष्मी ने किया, जबकि अमेरिका से कृष्णन रंगनाथन जी ने आभार व्यक्त किया। अंत में 27 देशों के प्रतिनिधियों ने विश्व शांति, स्वास्थ्य, करुणा और प्रेम के लिए एक साथ प्रार्थना की।
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