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Traditional Bihu Recipes: असमिया बिहू रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और संस्कृति का संगम

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 (11:13 IST)
Bihu Special Dishes: पोंगल और बिहू दोनों ही त्योहारों में पारंपरिक पकवानों का बड़ा महत्व है, जो स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। ये पकवान असमिया संस्कृति और व्यंजन शैली की खासियत को दर्शाते हैं। ये सर्दी को मात देने के लिए और समृद्धि की कामना करते हुए बनते हैं। बिहू के पकवान असम की संस्कृति और हरियाली का प्रतीक होते हैं। इन पकवानों का आनंद लेकर आप इन त्योहारों की खुशी को और भी बढ़ा सकते हैं! यहां इस त्योहार की सबसे प्रसिद्ध रेसिपीज दी गई हैं:ALSO READ: Pongal Recipes: पोंगल के दिन के लिए 5 सुपर स्वादिष्ट रेसिपी और व्यंजन
 
1. पीठा: 
 
एक पारंपरिक असमिया व्यंजन पीठा है। जो चावल के आटे, गुड़ और नारियल से बना होता है। यह विभिन्न आकारों और आकृतियों में बनाया जाता है।
 
सामग्री:
 
2 कप चावल का आटा
1/2 कप ताजा नारियल, कद्दूकस किया हुआ
1/2 कप गुड़
1 चम्मच घी
1/4 चम्मच इलायची पाउडर
1/4 कप पानी
 
विधि:
 
1. एक पैन में गुड़ और 1/4 कप पानी डालकर उसे पिघलाएं।
2. अब चावल का आटा, इलायची पाउडर और कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें। इसे अच्छे से मिक्स करें।
3. फिर आटे को छोटे-छोटे बॉल्स में बनाकर, उन्हें बेल लें और बीच में गुड़ और नारियल का मिश्रण भरें।
4. फिर इन पटीस को स्टीम करके 10-12 मिनट तक पकाएं।
5. ठंडा होने पर सर्व करें।
 
2. बिहू थाली: 
 
बिहू के दौरान खास बिहू थाली बनाई जाती है, जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन होते हैं जैसे दाल, हरी सब्जियां, मछली या चिकन, और चावल। यह थाली असम की पारंपरिक खाने की शैली का प्रतिनिधित्व करती है।
 
सामग्री:
 
1 कप चावल
1/2 कप मसूर दाल
1/2 कप हरी सब्जियां (पालक, बथुआ या सरसों)
1/4 चम्मच हल्दी
1/2 चम्मच जीरा
1-2 हरी मिर्च
1/2 चम्मच घी
 
विधि:
 
1. चावल और दाल को अलग-अलग उबाल लें।
2. एक पैन में घी गरम करें, उसमें जीरा और हरी मिर्च डालकर भूनें।
3. फिर इसमें उबाली हुई हरी सब्जियां डालकर हल्की आंच पर पकाएं।
4. अब उबाले हुए चावल और दाल को इसमें डालकर मिला लें।
5. इस मिश्रण को अपनी बिहू थाली में सर्व करें।
 
3. माछोर तमली: 
 
यह असमिया शैली का खट्टा मछली पकवान है जो बिहू के दौरान विशेष रूप से खाया जाता है। यह मछली को खट्टे रसम की तरह तैयार किया जाता है।
 
सामग्री:
 
4-5 मछली
1 प्याज, कटा हुआ
1 टमाटर, कटा हुआ
2 हरी मिर्च
1/2 चम्मच हल्दी
1 चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
1/2 चम्मच जीरा
1 चम्मच नमक
1/4 चम्मच इमली का पेस्ट या नींबू का रस
 
विधि:
 
1. मछली को हल्दी और नमक लगा कर अच्छे से धो लें।
2. एक पैन में जीरा, अदरक-लहसुन पेस्ट और प्याज डालकर भूनें।
3. अब टमाटर और हरी मिर्च डालकर पका लें।
4. फिर इसमें मछली, इमली का पेस्ट (या नींबू का रस), और पानी डालकर उबालें।
5. जब मछली पक जाए, तो इसे गरमागरम चावल के साथ सर्व करें।
 
4: असम का स्वाद: 'तिल पीठा'-
 
यह बिहू के दौरान बनने वाला सबसे लोकप्रिय पकवान है। इसे बनाने में थोड़ा धैर्य चाहिए।
 
सामग्री:
 
2 कप बोरा साउल (असम का स्टिकी राइस - चिपचिपा चावल)
1 कप काला तिल
1 कप गुड़ (खजूर का गुड़ हो तो बेहतर)
 
विधि:
 
चावल तैयार करें: चावल को रात भर भिगोएं, फिर सुखाकर इसे बारीक पीस लें। ध्यान रहे कि पाउडर थोड़ा नम (Moist) होना चाहिए। इसे छानकर एक बर्तन में दबाकर रखें ताकि नमी बनी रहे।
स्टफिंग: तिल को भूनकर दरदरा पीस लें। इसमें पिघला हुआ या बारीक कटा गुड़ मिलाकर मिश्रण तैयार करें।
आकार दें: एक लोहे के तवे को मध्यम आंच पर गर्म करें। उस पर एक बड़ा चम्मच चावल का पाउडर फैलाएं और हाथों से गोल पूरी जैसा आकार दें।
भरें: जब चावल की परत तवे पर सेट होने लगे, तो बीच में तिल-गुड़ का मिश्रण रखें।
रोल करें: अब सावधानी से इसे रोल यानी बेलनाकार करें और तवे के किनारे पर थोड़ा और सेकें।
 
टिप्स: इसे धीमी आंच पर ही बनाएं ताकि चावल चिपचिपा रहे और टूटे नहीं।
 
5. आलू जोल:
 
आलू जोल असमिया घरों में एक प्रसिद्ध और स्वादिष्ट वेजिटेरियन डिश है, जो बिहू के दिन विशेष रूप से बनाई जाती है। यह एक पानी वाली करी होती है जिसमें आलू, दही, हल्दी और मसाले डालकर पकाया जाता है।
 
रेसिपी:
 
आलू और अन्य सब्जियों को उबालकर उसमें दही और हल्दी डालें।
फिर स्वाद अनुसार मसाले डालकर करी को पकने दें।
इसे चावल के साथ परोसें।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Traditional Punjabi Recipe: कैसे बनाएं पारंपरिक पंजाबी भोजन सरसों का साग और मक्के की रोटी
 
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