suvichar

कैसे बनाएं चटपटे मसालेदार अरबी के पत्ते, पढ़ें एकदम सरल विधि

Updated: गुरुवार, 12 जुलाई 2018 (16:12 IST)
- मयूरी कासलीवाल राय 
 
सामग्री : 
3-4 अरबी के ताजा पत्ते (छोटे आकार के), 1 बड़ी कटोरी बेसन, 2 चम्मच पिसी लाल मिर्च, आधा चम्मच हल्दी पावडर, 2 चुटकी हींग, 2 चम्मच सौंफ, 2 चम्मच तिल्ली, आधा गरम मसाला, नमक स्वादानुसार, तेल (अंदाज से), थोड़ा-सी टाटरी (नींबू का सत/साइट्रि‍क एसिड) औ बारीक कटा हरा धनिया। 
 
विधि :
सबसे पहले अरबी के पत्तों को नमक के पानी से धो लें। अब बेसन में स्वादानुसार लाल मिर्च, 1 चम्मच सौंफ, 1 चम्मच तिल्ली, हींग, थोड़ा-सा तेल का मोयन और नमक डाले तथा उसे फेंट कर गाढ़ा घोल तैयार कर लें।
 
अब बेसन के घोल में से थोड़ा-सा बेसन हाथ में लेकर पत्तों के सीधी साइड की तरफ लगाएं और रोल करें, रोल करते समय उसके ऊपरी हिस्से पर भी बेसन की परत लगाती जाएं। इसी तरह सभी पत्ते तैयार कर लें।
 


अब एक भगोने में पानी गरम करके उस पर एक चलनी रखें। चलनी पर तेल का हाथ घुमाएं और तैयार अरबी के पत्ते उबलने के लिए रख दें।
 
करीब 10-15 मिनट बाद पत्तों को पलटकर दूसरी तरफ से भी उबाल लें। जब दोनों तरफ से पत्तों पर लगा बेसन अच्छी तरह फूल जाए तब चाकू लगाकर देख लें कि पत्तों पर बेसन तो नहीं चिपक रहा है। अगर बेसन चाकू पर चिपका रहा हो तो थोड़ी देर और पत्तों को भाप में पकने दें। तत्पश्चात आंच बंद करके पत्तों को एक थाली में निकाल लें और ठंडे होने पर उनको चौकोर पीसेस में काट लें। थाली में रखे पत्तों पर मिर्च, हल्दी, नमक, टाटरी डालकर मिक्स कर लें। 
 
अब एक कड़ाही में तेल गरम करके राई-जीरे का छौंक लगाएं फिर हींग, तिल्ली और सौंफ डालकर पत्तों को डाल दें और अच्छी तरह मिला लें। ऊपर से गरम मसाला बुरका कर हरा धनिया से सजाएं और पेश करें।

 
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

अगला लेख