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Guru Nanak Jayanti 2020 : महान धर्म प्रवर्तक थे गुरु, गुरु नानक देव

रविवार,नवंबर 29, 2020
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गुरु नानक देव के दोहे - अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥ मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत।
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हिन्दू पंचांग के अनुसार साल का आठवां महीना कार्तिक महीना होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 'कार्तिक पूर्णिमा' कहलाती है। इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा 30 नवंबर 2020 को आ रही है।
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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास में धन से संबंधित विशेष आराधना व उपासना की जाती है, जिससे धन, आयु व आरोग्य की प्राप्ति होती है।
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देव उठनी एकादशी के दिन देवता जागृत होते हैं और कार्तिक पूर्णिमा के दिन वे यमुना तट पर स्नान कर दिवाली मानाते हैं। इसीलिए इसे देव दिवाली कहते हैं। आओ जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा अर्थात देव दिवाली पर किए जाने काले 10 महत्वपूर्ण कार्य।
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कार्तिक मास की पूर्णिमा को देव दिवाली मनाते हैं। इस बार की देव दिवाली बहुत ही शुभ संयोग में मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार किया और भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। इसी दिन श्रीकृष्ण को आत्मबोध हुआ था और देवी तुलसी का ...
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इस दिन विष्णु जी की कमल के फूलों से पूजा करनी चाहिए साथ ही भगवान शिव की पूजा भी करनी चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। जानते हैं वैकुंठ चतुर्दशी की कथा और व्रत का विधान...
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यदि इस दिन आप गंगा स्‍नान करते हैं तो आपको विशेष फल की प्राप्‍ति होगी क्‍योंकि इस दिन आकाश से अमृत वृष्टि होती है। इसी अमृत को पाने के लिए लाखों श्रद्धालु धर्मनगरी में स्‍नान करने आते हैं।
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ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। यह आरती करने से वैकुंठ चतुर्दशी आरती- श्रीहरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें आरती...
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किसी भी खास अवसर पर श्रीविष्णु पूजन का विशेष महत्व है। कार्तिक मास की चतुर्दशी और कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस चालीसा का पाठ करने से पुण्‍य फल, शुभ फल प्राप्त होता हैं। विष्‍णु जी को प्रिय यह चालीसा आपके हर दुख-दर्द को मिटाने में सहायक सिद्ध है। यहां ...
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गुरु नानक देव जी का कहना था कि ईश्वर मनुष्य के हृदय में बसता है, अगर हृदय में निर्दयता है, नफरत है, पर-निंदा है, क्रोध आदि विकार हैं तो ऐसे मैले हृदय में परमात्मा बैठने के लिए तैयार नहीं हो सकता है।
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कार्तिक मास में तीन दिवाली आती है। कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इसके बाद अमावस्या को बड़ी दिवाली मनाते हैं एवं पूर्णिमा को देव दिवाली मनाते हैं। उक्त तीनों ही दिवाली का बहुत ही खासा महत्व है। इस बार 29 ...
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कार्तिक पूर्णिमा के दिन 30 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाशोत्‍सव मनाया जाएगा। गुरु नानक देव का प्रकाशोत्‍सव पर्व पवित्र भावनाओं के साथ मनाया जाने वाला उत्‍सव है।
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कार्तिक मास में 3 दिवाली आती हैं। कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इसके बाद अमावस्या को बड़ी दिवाली मनाते हैं एवं पूर्णिमा को देव दिवाली मनाते हैं। आओ जानते हैं देव दिवाली मनाने के 7 खास कारण।
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देव दीपावली पर्व दिवाली के पंद्रह दिन बाद मनाया जाता है। यह कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार है, जो वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में मनाया जाता है।
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कार्तिक मास में तीन दिवाली आती है। कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इसके बाद अमावस्या को बड़ी दिवाली मनाते हैं एवं पूर्णिमा को देव दिवाली मनाते हैं। पुराणों में कार्तिक मास का बहुत ही महत्व बताया गया है। आओ ...
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वर्ष 2020 में 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जा रही है। इस दिन सिख संप्रदाय के पहले गुरु, गुरु नानक देव की जयंती मनाई जाती है। जिसे प्रकाश पर्व भी कहा जाता है,
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गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के पहले गुरु है। वे स्वयं सात्विक जीवन जीते तथा प्रभु को याद करने की प्रेरणा देते थे। एक बार की बात है उनके पास एक व्यक्ति
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पौराणिक शास्त्रों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा है। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिवशंकर कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते है।
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वर्ष 2020 में कार्तिक पूर्णिमा 30 नवंबर को आ रही है। यह अंतिम अवसर है इस पवित्र माह का जब एकसाथ समस्त देवी-देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है। यूं भी पूनम मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन में खुशियों की बहार ...
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