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Eid ul Fitr 2021: क्या करें ईद-उल-फितर के दिन, जानिए

मंगलवार,मई 11, 2021
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इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान माह के बाद आनेवाले 10वें महीने शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। ईद कब मनाई जाएगी यह चांद के दीदार होने पर तय किया जाता है।
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इस आयत की रोशनी में अट्ठाईसवां रोजा बेहतर तौर पर समझा जा सकता है। गौरतलब बात है कि रमजान का यह आखिरी अशरा दोजख से निजात (नर्क से मुक्ति) का अशरा (कालखंड) है
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हमारे शास्त्रों में ऐसे कई धनदायक प्रयोग हैं जिन्हें अक्षय तृतीया के दिन करने से धन की भरपूर आवक होती है....
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हिंदू धर्म में वैशाख अमावस्या बहुत खास मानी गई है। इस दिन सत्तू खाने और सत्तू का दान करने का बहुत अधिक महत्व है। इस वर्ष यह अमावस्या 11 मई को है।
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अमावस्या माह में एक बार ही आती है। मतलब यह कि वर्ष में 12 अमावस्याएं होती हैं। हर तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 13 अमावस्या होती है। वैशाख अमावस्या की तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 11 मई 2021 को मंगलवार के दिन है। मंगलवार होने के कारण इसे भौम ...
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अमावस्या के दिन चन्द्र नहीं दिखाई देता अर्थात जिसका क्षय और उदय नहीं होता है उसे अमावस्या कहा गया है, तब इसे 'कुहू अमावस्या' भी कहा जाता है। अमावस्या सूर्य और चन्द्र के मिलन का काल है। इस दिन दोनों ही एक ही राशि में रहते हैं। इस बार अमावस्या वैशाख ...
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अक्षय तृतीया का पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आखातीज या अक्खा तीज कहते हैं। बताया जाता है कि वर्ष में साढ़े तीन अक्षय मुहूर्त है। जिसमें प्रथम व विशेष स्थान अक्षय तृतीया का है। इस दिन को ...
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रमजान का तीसरा अशरा ढलान पर है। तीसरे अशरे की 27वीं शब को शब-ए-कद्र के रूप में मनाया जाता है। इसी मुकद्दस रात में कुरआन भी मुकम्मल हुआ।
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भगवान विष्णु के छठे आवेश अवतार परशुराम की जयंती वैशाख शुक्ल तृतीया को आती है। इस तिथि तो अक्षय तृतीया भी कहते हैं। इस बार यह जयंती 14 मई 2021 को मनाई जाएगी। आओ जानते हैं भगवान परशुराम का छत्रियों के साथ हुए युद्ध की सचाई।
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अक्षय तृतीया का पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आखातीज या अक्खा तीज कहते हैं। आओ जानते हैं 10 पौराणिक ...
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गुहराज निषादजी ने अपनी नाव में प्रभु श्रीराम को गंगा के उस पार उतारा था। वे केवट थे अर्थात नाव खेने वाले। गुहराज निषाद ने पहले प्रभु श्रीराम के चरण धोए और फिर उन्होंने अपनी नाव में उन्हें सीता, लक्ष्मण सहित बैठाया। 15 मई 2021 को उनकी जयंती मनाई ...
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मई का महीना शुरू हो गया है। इस माह में कई बड़े व्रत और त्योहार रहेंगे।
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इस साल अक्षय तृतीया 14 मई 2021 को है। अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त माना गया है। जिस तरह दीपावली के दिन लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की जा सकती है उसी तरह अक्षय तृतीया को भी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए उपाय किए जा सकते हैं...
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इस वर्ष 25 मई 2021, मंगलवार को यह पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्री नृसिंह ने खंभे को चीरकर भक्त प्रह्लाद की रक्षार्थ अवतार लिया था।
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क्रोध से भगवान नृसिंह का शरीर जलता है, इसलिए उन्हें ठंडी चीजें अर्पित की जाती हैं, अलग-अलग चीजें चढ़ाने से भक्तों को अलग-अलग फल मिलता है। नृसिंह जयंती के उपायों से हर तरह की समस्या दूर होती हैं।
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बुधवार, 26 मई 2021 को बुद्ध पूर्णिमा है। बैसाख पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा को ही बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। यह भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव का दिन है।
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अक्षय तृतीया का पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आखातीज या अक्खा तीज कहते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया तिथि 14 मई 2021, शुक्रवार को पड़ रही है। इस साल की अक्षय तृतीया कई मयानों में विशेष रहने वाली ...
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सत्ताईसवां रोजा यानी कि यहां यह बात जानना जरूरी है कि छब्बीसवां रोजा जिस दिन होगा, उसी शाम गुरुबे-आफ़ताब के बाद (सूर्यास्त के पश्चात) सत्ताईसवीं रात यानी शबे-कद्र भी शुरू हो जाएगी।
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इस वर्ष गंगा सप्तमी पर्व मंगलवार, 18 मई 2021 को मनाया जा रहा है। जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी)
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