नया साल, रहेगा घोटालों के नाम
भ्रष्टाचारियों की आएगी शामत
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सन् 2010 महँगाई की मार के साथ-साथ मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, राम-जन्मभूमि पर महत्वपूर्ण फैसले, देश की जनता के शांतिपूर्ण रूख, 26 नवंबर के आतंकवादियों को सजा न मिलने, प्रधानमंत्री की बढ़ती मुश्किलें, संसद नहीं चलने, सोने-चाँदी के भावों में बेलगाम होने के लिए जाना जाएगा। दूसरी तरफ बिहार में कांग्रेस के साथ अन्य दलों का सफाया यह साबित करता है कि अब भारत की जनता मौन रहकर अपना गुस्सा उतारती है।
लेकिन सत्तादल की पार्टी को फिर भी शर्मवाली बात नहीं लगती। आइए देखें ग्रहों की जुबानी क्या कहता है आनेवाला साल 2011। देश की बागडोर दिल्ली की सियासत से चलती है। दिल्ली में 1 जनवरी 2011 को सूर्योदय के समय धनु लग्न सिंह नवांश व वृश्चिक राशि है। मंगल सूर्य व लग्न शुक्र के नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा में है तो शुक्र गुरु के विशाखा नक्षत्र में है।
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चन्द्र अष्टमेश है। बुध दशम राजनीति के भाव में है वहीं सप्तमेश भी है जो दैनिक व्यवसाय भाव का भी स्वामी है। अतः स्पष्ट है कि राजनीति में किसी महिला के द्वारा भांडाफोड़ होकर कई राजनेता-व्यापारी भी घेरे में आएगें। बुध दिमाग व बुद्धि का करक है अतः बुद्धिजीवी भी नहीं बच पाएगें।
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