26 जनवरी : देश के सितारे
गणतंत्र बेला पर ग्रहों का असर
ND
हर भारतीय नागरिक में भारत के संविधान पर आस्था ही नहीं पूर्ण व दृढ़विश्वास है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भारतीय संविधान पर से विश्वास उठता जा रहा है। देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री के नाम संदेश दे दिया है कि- 'अब तो देश बचाओ! प्रधानमंत्री के हाथों में सबकुछ होने के बाद भी मूक बने रहना व सबकुछ देखते रहना बड़े ही शर्म की बात है।
आज देश का काला धन खरबों रुपयों में स्विस बैकों में जमा हैं, इसे लाने की बात स्पष्ट नहीं होती, ना ही भ्रष्टाचार में डूबे नेताओं को संसद से बाहर का रास्ता दिखाते हैं। वो तो भला हो न्यायपलिका का जो बार-बार सख्त नजर आकर फटकार लगा रही है।
WD
गुरु की राशि में राहू का नीचस्थ होना राजनीतिज्ञों को भ्रष्टाचारी बना रहा है व देश को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं रख रहा है। आज करोड़ों का धन विदेश में है! पेट्रोल की बढ़ती कीमतें भी मंगल के अस्त का ही नतीजा है। यदि सरकार चाहे तो पेट्रोल 40रु. बिक सकता है। बस इस पर से 'टैक्स' में कमी करें व राज्य सरकार 'करों' में कमी करें, लेकिन ऐसा होगा नहीं क्योंकि फिर भ्रष्टाचार करने को नहीं मिलेगा।
राहु कोई ग्रह नहीं है, ये छाया ग्रह है जो गुरु की राशि धनु पर अंधकार डाले हुए है। गुरु ज्ञान, धर्म, न्याय, पृथ्थकरण का कारक है इन सब पर प्रभाव डालता है। गुरु भी जल तत्व की राशि मीन पर होने से प्रभावशील नहीं हो पा रहा है। न्यायपालिका तो सख्त है लेकिन सरकार पर प्रभाव नहीं पड़ता।
ND

