Hanuman Chalisa

होली खेलने के लिए रंग कैसे चुनें और हानिकारक रंगों से कैसे बचें, जानिए 3 टिप्स

अनिरुद्ध जोशी
मंगलवार, 3 मार्च 2020 (17:51 IST)
होली पर अक्सर हुड़दंग रहती है। अक्सर यह देखा गया है कि होली खेलने के बाद कई लोगों को आंखों में जलन होती है तो कईयों की त्वचा खराब हो जाती है। कई दिनों तक शरीर पर जमा रंग निकलता नहीं है। ऐसे में कुछ सावधानियों का पालन जरूर करें। खासकर बच्चों का ध्यान रखें।
 
 
होली खेलने के लिए रंग कैसे चुनें?
1.प्राकृतिक रंग : होली खेलने के लिए बाजार में कई तरह के रंग उपलब्ध है। उनमें से कुछ तो बहुत ही हानिकारक होते हैं। इन केमिकल रंगों से बचें और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें। 

 
2.सूखा रंग : प्राकृतिक रंगों के साथ ही बाजार में सूखा रंग भी मिलता है। जैसे गुलाल, अबीर आदि। सूखे रंगों का अधिक प्रयोग करें। ये रंग आसानी से साफ हो जाते हैं। इन रंगों में पानी का उपयोग भी करेंगे तो कोई खास असर नहीं होगा।
 
 
3.फूलों के रंग : पहले होली के रंग टेसू या पलाश के फूलों से बनते थे और उन्हें गुलाल कहा जाता था। वो रंग त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते थे क्योंकि उनमें कोई रसायन नहीं होता था। आजकल भी ग्रामिण क्षेत्र में ऐसे रंग मिलते हैं।
 
हानिकारक रंगों से कैसे बचें?
1. सनग्लासेस : सबसे पहले आंखों को इन हानिकारक रंगों से बचाएं। इसके लिए सनग्लासेस का प्रयोग करें क्योंकि ये आपकी आंखों को रंग से बचाकर रखने में काफी मदद करेगा।
 
 
2.नारियल का तेल : होली खेलने जाने से पहले आप अपने बालों और संपूर्ण शरीर पर अच्‍छे से नारियल का तेल लगाकर जाएं। तेल लगाने से किसी भी प्रकार का रंग आसानी से त्वचा पर चिपकता नहीं है और तेल होने के कारण यह अच्छे से निकल भी जाता है।
 
 
3. स्पंज से नहाएं : नहाते वक्त कुछ लोग डिटर्जेंट का उपयोग करते हैं जो कि गलत है। आप किसी अच्छे साबून का प्रयोग करें। पहले संपूर्ण शरीर पर अच्‍छे से साबून लगा लें फिर उसे हल्के हल्के स्पंज के बड़े-बड़े टुकड़ों से रगड़े। यदि प्राकृतिक रंग होगा तो जल्दी से निकल जाएगा लेकिन यदि केमिकल रंग होगा तो देर लगेगी। केमिकल रंगों को जबरन निकालने का प्रयास ना करें। वह वक्त के साथ खुद ब खुद ही निकल जाएंगे। जबरन निकालने में त्वचा को नुकसान पहुंचेगा।

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन करें 5 महत्वपूर्ण कार्य

भारत में बड़े जन आंदोलन की आहट? क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र, जानिए ज्योतिषीय संकेत

Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी 2026: पूजा की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट

वैवस्वत पूजा क्यों करते हैं क्या है इसका महत्व और कथा

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की आठवीं देवी मां बगलामुखी, जानिए पूजा विधि

अगला लेख