देवी गीत : रहते भी नर्मदा किनारे प्यासे फिरते मारे मारे...

रहते भी नर्मदा किनारे प्यासे फिरते मारे मारे
भटकते दूर से थके हारे
,
आये दर्शन को माता तुम्हारे

भक्ति की भावना में नहाये
,
मन में आशा की ज्योति जगाये
सपनों की एक दुनियां सजाये
,
आये मां ! हम हैं मंदिर के द्वारे

चुन के विश्वास के फूल
,
लाके हल्दी
,
अक्षत औ चंदन बना के
थाली पूजा की पावन सजाके
,
पूजने को चरण मां तुम्हारे

सब तरफ जगमगा रही ज्योति
,
बड़ी अद्भुत है वैभव विभूति
पाता सब कुछ कृपा जिस पे होती
,
चाहिये हमें भी माँ सहारे

जग में जाहिर है करुणा तुम्हारी
,
भीड़ भक्तों की द्वारे है भारी
पूजा स्वीकार हो मां हमारी
,
हम भी आये हैं माँ बन भिखारी

माँ

मुरादें हो अपनी


पूरी
,
हम आये हैं झोली पसारे
हरी ही हरी होये


किस्मत
,
दिवाले जैसे जवारे



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