dharma sangrah

कविता : पूछिए मत क्या बवाल मचा रखा है

Updated: मंगलवार, 8 जनवरी 2019 (16:49 IST)
- डॉ. रूपेश जैन 'राहत'
 
पूछिए मत क्या बवाल मचा रखा है
जाने उसने जबां पे क्या छुपा रखा है
 
इस माहौल में खामोश रहना अच्छा
बहस को जाने क्या मुद्दआ उठा रखा है
 
तमाम उम्र जिस मुल्क से प्यार किया
फिक्र है मुझे अजनबियों ने डरा रखा है
 
आसार नहीं कोई दिखता सुधरने का
इन हालातों की चिंता ने सता रखा है

नहीं पता किस मोड़ पे नज़ारे अच्छे हों
हम ने देखा चोरों ने पेट भर खा रखा है
 
कहां तक पहुंचे निगाह होश भी न रहा
हम चुप और मुद्दई ने घर सजा रखा है

कब तक रहेगा ये मौसम इस सफ़र में
'राहत' वतन-परस्तों ने देश बचा रखा है

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

अगला लेख