suvichar
✕

हिन्दी कविता : बचपन बचा लो मां

Updated: मंगलवार, 19 सितम्बर 2017 (15:14 IST)
सविता व्यास
दीदी को जो वक्त देती हो
वो वक्त मुझे भी दो न मां
जो हिदायत उन्हें देती हो
वो मुझे भी दो न मां
 
क्या अच्छा है, क्या बुरा
मुझे भी समझाओ न मां
अच्छे और बुरे स्पर्श का अंतर
मुझे भी बतलाओ न मां
 
मुझसे केवल यह न पूछो कि
खाना ठीक से खाया या नहीं
सारे विषयों में एक्सिलेंट मिला या नहीं
मुझसे किसने कैसी हरकत की
 
ये बात भी तो पूछो न मां
आत्मरक्षा के गुर मुझे भी सीखा दो न मां
गलत बात की शिकायत करूं
ये साहस भी मुझको दे दो न मां
 
अपने दोस्त की हालत देख
बहुत सहम गया हूं मां
इन घृणित दरिंदों के पंजों से
हमारा बचपन बचा लो मां....

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख