जानिए हिन्दी सेवी विदेशी विद्वान

डॉ.जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन-(आयरलैंड)-

जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन का भारतीय विद्याविशारदों में,खासकर भाषाविज्ञान के क्षेत्र में,उनका स्थान अमर है। ग्रियर्सन को भारतीय संस्कृति और यहां के निवासियों के प्रति अगाध प्रेम था। भारतीय भाषाविज्ञान के वे महान् उन्नायक थे।


वह 1873 में इंडियन सिविल सर्विस के अफसर के तौर पर भारत आए था। वह उन कम गोरे ऑफिसरों में थे,जिन्होंने अंग्रेजों के शासनकाल में राज करने से ज्यादा अपनी प्रजा के हित में मेहनत और निष्ठा से काम करने पर जोर दिया।


उन्हें इस बात का श्रेय है कि उन्होंने कई भाषाओं वाले इस मुल्क में भाषाओं का एक परिवार 'लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया' जैसी ऐतिहासिक कृति के जरिए बनाया। कुल 21 जिल्दों में छपा यह सर्वे स्थाई महत्व का है।

7 जनवरी, 1851 को आयरलैंड के डब्लिन में जन्मे ग्रियर्सन का बचपन से ही भाषाओं के प्रति लगाव था। आम दफ्तरी के उलट ग्रियर्सन दफ्तर के बाद अपना बचा हुआ वक्त संस्कृत,प्राकृत,हिन्दी और बांग्ला भाषाओं और साहित्य के अध्ययन में लगाते थे। जहां भी उनकी नियुक्ति होती थी,वहां की भाषा,बोली,साहित्य और लोक जीवन की ओर वह खिंचते चले जाते थे।
जार्ज ग्रियर्सन ने हिन्दी को'आम बोलचाल की महाभाषा'कहा था। परदेसी होने के बावजूद उन्होंने 'खड़ी बोली हिन्दी 'को न सिर्फ सीखा,बल्कि उस सीख को उन्होंने हिन्दी की पाठ्य-पुस्तकें तैयार कर हिन्दी को ही लौटा भी दिया। उनके काम का दायरा इस तरह अकादमिक जरूर था,लेकिन एक नई भाषा में यह पहली और असरदार कोशिश थी,जिसने आगे की राह खोली।
1941 में उनकी मृत्यु हो गई। सरकार ने उनकी सेवाओं की याद में 'डॉ.जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार'की स्थापना की है,जो केंदीय हिन्दी संस्थान द्वारा किसी गैर भारतीय को हिन्दी के क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

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रोनाल्ड स्टुअर्ट मेक्ग्रेगॉर सच्चे हिन्दी प्रेमी थे। उन्होंने पश्चिमी दुनिया में हिन्दी की अलख जगाई। 1964 से लेकर 1997 तक कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में वह हिन्दी पढ़ाते रहे। वह चोटी के भाषा विज्ञानी,व्याकरण के विद्वान,अनुवादक और हिन्दी साहित्य के इतिहासकार थे।
मेक्ग्रेगॉर ने हिन्दी की शिक्षा 1959-60 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ली। उसके बाद उन्होंने 1972 में हिन्दी व्याकरण पर 'एन आउटलाइन ऑफ हिन्दी ग्रामर' नाम की अहम किताब लिखी। इस विनम्र हिन्दी सेवी का हाल ही में 84 साल की उम्र निधन हो गया।
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