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इन 7 लोगों को नहीं खाना चाहिए अचार, जानिए कारण

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 21 जून 2025 (16:05 IST)
Achar Khane Ke Nuksan: भारतीय थाली की बात हो और उसमें अचार न हो, ऐसा कम ही होता है। अचार केवल एक खाने की चीज नहीं, बल्कि स्वाद, परंपरा और भावनाओं का संगम है। दादी-नानी के हाथों से बना आम, नींबू, मिर्च, गाजर या मिक्स अचार न केवल खाने में चटपटापन लाता है, बल्कि कई लोगों के लिए भोजन अधूरा लगता है अचार के बिना। पर क्या आप जानते हैं कि यह स्वादिष्ट अचार कुछ लोगों के लिए सेहत का बड़ा दुश्मन बन सकता है?
 
हालांकि अचार में मसाले, तेल और नमक का उपयोग इसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाता है, लेकिन यही चीजें कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन 7 तरह के लोगों को अचार खाने से बचना चाहिए, और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक कारण हैं।
 
स्वाद के पीछे छिपा नमक, तेल और एसिड का जहर
अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें ज्यादा मात्रा में नमक, तेल, सिरका और मसाले डाले जाते हैं। ये सभी चीजें अगर सीमित मात्रा में ली जाएं, तो नुकसान नहीं करतीं। लेकिन जब कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हो या उनकी शारीरिक स्थिति अति संवेदनशील हो, तब अचार जैसे high sodium और acidic फूड्स नुकसानदेह हो सकते हैं।
 
इसके अलावा, बाजार में मिलने वाले अचार में कई बार प्रिज़र्वेटिव्स, केमिकल फ्लेवर और अधिक मात्रा में रिफाइंड तेल भी मिलाया जाता है, जो शरीर में ब्लड प्रेशर, लिवर, किडनी और पेट से जुड़ी समस्याओं को और बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कि कौन हैं वे 7 लोग जिन्हें अचार से दूर ही रहना चाहिए।
 
1. हाई ब्लड प्रेशर (High BP) के मरीज
अचार में नमक की ज्यादा मात्रा ब्लड प्रेशर को तुरंत बढ़ा सकती है। हाई बीपी के मरीजों को डॉक्टर अक्सर low sodium diet की सलाह देते हैं, जबकि अचार इसके ठीक विपरीत होता है। ज्यादा नमक से arteries सख्त होती हैं, जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है।
 
2. एसिडिटी और पेट की जलन से परेशान लोग
अचार में यूज किया गया सिरका, नींबू, लाल मिर्च और मसाले पेट की अम्लता (Acidity) को बढ़ा सकते हैं। जो लोग गैस, एसिड रिफ्लक्स या पेट की जलन जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं, उन्हें अचार खाने से तुरंत burning sensation महसूस हो सकती है। साथ ही, इससे पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है।
 
3. किडनी की समस्या वाले मरीज
किडनी मरीजों को नमक और पोटैशियम की मात्रा नियंत्रित रखनी होती है। अचार में हाई सोडियम और मसाले रहते हैं जो किडनी को ज्यादा लोड देती है और fluid retention बढ़ा सकती है। यह स्थिति उनके लिए जानलेवा भी हो सकती है।
 
4. डायबिटीज (मधुमेह) के रोगी
अचार में उपयोग होने वाला सिरका और मसाले ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं। विशेषकर मिक्स अचार या मीठे अचार में शक्कर या गुड़ भी डाला जाता है, जो डायबिटिक मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, बाजार में मिलने वाले अचार में हिडन शुगर और कैरोटीन भी हो सकते हैं जो हाइपरग्लाइसेमिया का कारण बन सकते हैं।
 
5. स्किन एलर्जी या एग्जिमा के मरीज
अचार में डाले जाने वाले तीखे मसाले और आर्टिफिशल रंग कुछ लोगों में स्किन रिएक्शन या एलर्जिक रेस्पॉन्स उत्पन्न कर सकते हैं। एक्ज़िमा, रैशेस या अन्य त्वचा विकारों से परेशान लोगों को अचार खाने से फ्लेयर-अप हो सकता है।
 
6. लिवर संबंधित बीमारियों से जूझ रहे लोग
अत्यधिक तला हुआ, मसालेदार और नमक युक्त खाना लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। अचार में मौजूद ऑयल, नमक और प्रिज़र्वेटिव्स लिवर इंफ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं। खासकर फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या सिरोसिस जैसी स्थितियों में अचार से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
 
7. प्रेग्नेंट महिलाएं 
हालांकि कुछ गर्भवती महिलाएं अचार खाने की इच्छा ज़ाहिर करती हैं, लेकिन अत्यधिक अचार सेवन से ब्लड प्रेशर, जलन, सूजन और पानी की कमी जैसे खतरे हो सकते हैं। इसके अलावा, बाज़ार में मिलने वाले अचार में बैक्टीरिया या विषाक्त पदार्थ होने की संभावना भी रहती है, जो गर्भवस्था में नुकसानदेह हो सकता है।
 
क्या कभी खा सकते हैं अचार?
यदि आप ऊपर बताई गई किसी श्रेणी में नहीं आते और आपका स्वास्थ्य सामान्य है, तो आप सीमित मात्रा में घर पर बना हुआ, ताजा और कम नमक/मसाले वाला अचार खा सकते हैं। साथ ही, हमेशा ध्यान रखें:

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