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केटामीन नेजल स्प्रे रोकेगा अवसाद और आत्महत्या के विचारों को

Updated: मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (12:44 IST)
वॉशिंगटन। एक अध्ययन में पता चला है कि नाक में डालने वाले केटामीन स्प्रे जिसका आमतौर पर पार्टी ड्रग
के रूप में गलत इस्तेमाल किया जाता है, वह गहरे अवसाद के लक्षणों तथा आत्महत्या के विचारों को रोकने में कारगार साबित हो सकता है।
 
अमेरिकन 'जर्नल ऑफ साइकिएट्री' में प्रकाशित एक अध्ययन में केटामीन अणु के एक भाग एसकेटामाइन के इंट्रानेजल फॉर्मूले की तुलना गहरे अवसाद के लक्षणों के त्वरित उपचार में काम में आने वाली दवा से की गई थी।
 
अमेरिका में येल स्कूल ऑफ मेडिसिन ने इस अध्ययन के लिए 68 प्रतिभागियों को शामिल किया। इनमें से एक को एसकेटामीन दिया गया और दूसरे को एक अन्य दवा। इसके साथ ही उन्हें अवसादरोधी उपचार दिया जा रहा था। 
 
इसके बाद उनकी समय-समय पर जांच की गई। जांचकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों को एसकेटामीन दिया गया था, उनमें अन्य दवाई दिए जाने वालों लोगों की तुलना में अवसाद में काफी कमी आई है, साथ ही आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने संबंधी विचार में भी कमी आई। 
 
शोधकर्ताओं का मानना है कि अधिकतर अवसादरोधी दवाओं के पूरी तरह से प्रभावी होने में 4 से 6 सप्ताह का वक्त लगता है, ऐसे में एसकेटामीन एक अहम उपचार साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि अभी इसमें और शोध की जरूरत है। (भाषा)

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