Hanuman Chalisa

गोमूत्र का सेवन करते हैं तो रहें सावधान

Updated: बुधवार, 12 अप्रैल 2023 (14:14 IST)
हाल के एक रिसर्च के मुताबिक गायों और बैलों के मूत्र में 14 तरह के घातक बैक्टीरिया पाए गए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार यह रिसर्च बरेली स्थित आईसीएआर (ICAR) इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्‍यूट द्वारा किया गया है। यह शोध भोजराज सिंह के नेतृत्व में किया गया था। 3 पीएचडी छात्र उनके सहयोगी थे। 
 
इस अध्ययन में पाया गया कि गायों और सांडों (बैल) के मूत्र में एस्चेरिचिया कोलाई की उपस्थिति के साथ ही करीब 14 प्रकार के घातक बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया में पेट में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। 
 
गोमूत्र सेवन में कुछ सामान्य सावधानियां रखना भी बेहद आवश्यक है।  पढ़ें 7 जरूरी सावधानियां - 
 
देशी गाय का गोमूत्र ही सेवन करें। गाय गर्भवती या रोगी न हो।
 
जंगल में चरने वाली गाय का मूत्र सर्वोत्तम है। 
 
1 वर्ष से कम की बछिया का मूत्र सर्वोत्तम है। 
 
मालिश के लिए 2 से 7 दिन पुराना गोमूत्र अच्‍छा रहता है। 
 
पीने हेतु गोमूत्र को 4 से 8 बार कपड़े से छानकर प्रयोग करना चाहिए।
 
बच्चों को 5-5 ग्राम और बड़ों को 10 से 20 ग्राम की मात्रा में गोमूत्र सेवन करना चाहिए।
 
गायों और बैलों के मूत्र में घातक बैक्टीरिया पाए जाने का कारण यह भी हो सकता हैं कि गायें विषाक्त सामग्री, प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थ खा लेती है जिसका असर गोमूत्र में आ जाता है... 
ALSO READ: सावधान! गोमूत्र में होते खतरनाक बैक्टीरिया, पहुंचा सकते हैं नुकसान

ALSO READ: गोमूत्र का क्या है महत्व, जानिए 10 बातें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

पेरिस में बना यूरोप का सबसे बड़ा अक्षरधाम मंदिर

ब्रिक्स से भारत क्या हासिल कर सकता है...?

अगला लेख