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कच्चा केला : स्वाद पर मत जाइए, सेहत के लिए जरूर आजमाइए

गुरुवार,अगस्त 5, 2021
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एक समय ऐसा भी आता है जब लोग अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करते हैं। उसे हेल्‍दी बनाने की कोशिश करते हैं। अपने खानपान में बदलाव करते हैं, बॉडी का ध्‍यान रखते हैं। लेकिन वजन कम करने के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्‍तेमाल करते हैं। पर बीमारियों का समाधान रसोई ...
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राजमा को किडनी बीन्‍स भी कहा जाता है। कुछ समय में इसका सेवन बहुत अधिक बढ़ गया है। खासकर लोग राजमा-चावल खाना बहुत अधिक पसंद करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि राजमा का सेवन बहुत पौष्टिक होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन्‍स और ...
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अगर आप नकली चांदी के वर्क लगी मिठाइयां खाते हैं, तो यह सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए जान लीजिए नकली वर्क को पहचानने के तरीके-
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बारिश के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ठंडक होते ही बच्‍चे मलेरिया और डेंगू की चपेट में आ जाते हैं। इस मौसम में खान -पान से लेकर हर तरह की सावधानी बरतना जरूरी होता है। दूषित पानी या भोजन करने से बहुत जल्‍दी पाचन तंत्र बिगड़ जाता है। जिस ...
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फलों के जूस का सेवन करना सेहत के लिए हमेशा से ही फायदेमंद है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है, कमजोरी और थकान नहीं लगती है। नोनी भी उसी प्रकार का फल है। यह दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशिया और प्रशांत महाद्वीपों में मुख्‍य रूप से पाया जाता है। उस क्षेत्र में ...
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कोविड-19 की दूसरी लहर का आतंक भयावह रहा है। उस मंजर को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। लेकिन समूचे विश्व में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लगातार चेतावनी जारी की जा रही है। भारत सरकार नीति आयोग द्वारा भी आने वाले 100 से 125 दिनों तक सतर्क रहने की हिदायत ...
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप अभी भी किसी साये की तरह मन में बैठा हुआ है। लेकिन कुछ ही लोगों के मन में अब डर नजर आ रहा है। लोग सड़कों पर बिना खौफ के नजर आ रहे। जहां अभी लोगों से दूरी बनाना है, मास्‍क लगाना है लेकिन जनता ने वैक्‍सीनेशन के बाद ...
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कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर अगल - अलग रिसर्च जारी है। कोविड के लक्षण भी एक समान नहीं है। कोरोना वायरस के शुरूआती लक्षण कॉमन कोल्‍ड की तरह थे। लेकिन कई बार लक्षण नजर नहीं आने पर कोविड रिपोर्ट फिर भी पॉजिटिव आई है। हाल ही में एक स्‍टडी में दावा किया ...
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कोरोना वायरस के साइड इफेक्‍ट पहले कुछ टाइम तक के लिए सामने आ रहे थे लेकिन अब यह बीमारी गंभीर हो रही है। जी हां, पोस्‍ट कोविड के अलग-अलग लक्षण सामने आ रहे हैं। जिसमें मुख्‍य रूप से ब्‍लक फंगस है। साथ ही खुजली, दर्द, शुगर की बीमारी, हार्ट पर असर ...
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कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बना हुआ है। वैक्‍सीनेशन के बाद भी इस बीमारी की चपेट में कई सारे लोग आ रहे हैं। तो कोविड से ठीक होने के बाद कई लोगों में लॉन्ग कोविड इफेक्‍ट नजर आ रहे हैं। लगातार सामने आ रही समस्‍या किसी चुनौतियों से कम नहीं है।कोविड का ...
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स्तनपान एक नवजात शिशु के बड़े होने की सबसे अहम प्रक्रिया है | मां का दूध बच्‍चों को कई सारी बीमारियों से बचाता है साथ ही स्‍तनपान कराने से मां की भी रक्षा होती है| इतना ही नहीं मां को गंभीर समस्‍या होने का खतरा टल जाता है| स्‍तनपान को प्रोत्‍साहित ...
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चाहे पानी रोड पर भरा हो या मौका पानी पीने का हो। आपको हर तरह से खुद को खराब पानी से दूर रखना है। गंदा पानी अंदर से और बाहर आपको भारी नुकसान पहुंचाता है।
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मानसून के सीजन में वजन जल्दी बढ़ता है। क्योंकि मानसून और ठंड के मौसम में भूख अधिक लगती है। मौसम ठंडा होता है इसलिए तेल,घी और मसाले का सेवन भी अधिक किया जाता है। ताकि बॉडी में गर्मी बनी रहे। हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से वह भी जरूरी है। लेकिन इन ...
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बारिश के मौसम में गरमा-गरम जंक फूड सभी को अच्‍छे लगते हैं।लेकिन ओवर ईटिंग आपकी सेहत को भारी पड़ सकता है। दरअसल, बारिश के दिनों में बहुत कम और एकदम सात्विक भोजन ही करना चाहिए। ऐसा इसलिए मानसून सीजन में पाचन प्रक्रिया थोड़ी कमजोर हो जाती है जिससे आपका ...
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यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। नवजात और 5 से 6 साल के बच्‍चों को भी यह खतरा हो सकता है।लेकिन यह बीमारी सबसे अधिक महिलाओं को होती है। बरसात के मौसम में उनके लिए परेशानी बढ़ जाती है। मौसम की नमी के चलते ...
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कोरोना काल के दौरान कम उम्र के लोगों में भी हाइपरटेंशन तेजी से उभरने लगा है। हर साल करीब 16 लाख अधिक लोगों की मौत ब्लड प्रेशर की वजह से हो जाती है। यह बीमारी जीवन घातक है। ब्‍लड प्रेशर हाई होने पर किडनी,ब्रेन, हार्ट पर भी असर पड़ता है। हाइपर टेंशन ...
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बारिश का मौसम का मजा अस्थमा रोगी के लिए सजा बन कर आता है। इस मौसम में अस्थमा रोगियों की समस्या अक्सर बढ़ जाती है और मरीज का सांस लेना तक पीड़ादायक हो जाता है।
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आनुवांशिक बीमारी है इस वजह से भी हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने की फैमिली हिस्ट्री बनती है। ऐसे में आपको अपना बहुत ध्यान रखने की जरूरत है। लाइफस्टाइल में बदलाव करके आप इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया भर में करीब पांच करोड़ लोगों को डिमेंशिया है, और करीब एक करोड़ नए मामले हर साल आ रहे हैं। इसको लेकर एक नई रिसर्च में भविष्यवाणी की गई है कि डिमेंशिया पीड़ितों की वैश्विक संख्या 2050 तक करीब तीन गुना तक हो ...
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