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बॉडी में बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल? ऐसे करें पता
cholesterol kaise badhta hai: आज की तेज रफ्तार जिंदगी और अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने हमारी सेहत पर गहरा असर डाला है। काम का तनाव, देर तक बैठकर काम करना, जंक फूड का ज्यादा सेवन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ये सभी आदतें धीरे-धीरे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को असंतुलित करने लगती हैं। जब तक इसकी सही पहचान नहीं होती, यह चुपचाप हमारे शरीर में पनपता रहता है और दिल की बीमारियों से लेकर हार्ट अटैक जैसे गंभीर खतरे बढ़ा देता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के क्या संकेत होते हैं, इसे कैसे पहचाना जा सकता है और क्या जरूरी टेस्ट कराने चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल क्या होता है और क्यों है यह खतरनाक?
कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार की फैट जैसी वैक्सी पदार्थ होता है जो बॉडी में सेल्स के लिए जरूरी है। यह हार्मोन बनाने, सेल्स की संरचना बनाए रखने और डाइजेशन में सहायक होता है। लेकिन जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है, तो यह आर्टिरीज की दीवारों पर जमने लगता है, जिससे ब्लड फ्लो रुक जाता है और दिल तक ऑक्सीजन पहुंचने में रुकावट आती है। इससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
शरीर में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल के संकेत
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें पहचानकर आप समय रहते चेत सकते हैं:
सीने में भारीपन या अकसर दर्द महसूस होना: यह कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।
पैरों में बार-बार ऐंठन या थकान: ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने से बॉडी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।
त्वचा के पास पीले रंग की गांठें (xanthomas): खासतौर से आंखों, कोहनी या घुटनों के पास वसा जमने लगती है।
थकावट या सांस फूलना: साधारण गतिविधियों में ही जल्दी थक जाना कोलेस्ट्रॉल की समस्या का संकेत हो सकता है।
ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव: कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन इन दोनों को भी प्रभावित कर सकता है।
इन लोगों को है ज्यादा खतरा
यदि आप ज्यादा तला-भुना खाते हैं, धूम्रपान करते हैं, शराब का सेवन करते हैं या आपका वजन ज्यादा है, तो आपके कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा और भी बढ़ जाता है। इसके अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैमिली हिस्ट्री होने पर भी आपको सावधान रहने की जरूरत है।
कोलेस्ट्रॉल चेक कराने के लिए कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं?
अगर आपको ऊपर बताए गए संकेत महसूस हो रहे हैं या आप रिस्क ग्रुप में आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और ये टेस्ट करवाएं:
- लिपिड प्रोफाइल टेस्ट: यह टेस्ट HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल), LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल), ट्राइग्लिसराइड्स और कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर बताता है।
- एलडीएल डायरेक्ट टेस्ट: यह खराब कोलेस्ट्रॉल की सटीक जानकारी देता है।
- Hs-CRP टेस्ट: यह शरीर में सूजन के स्तर को बताता है जो कि हार्ट डिजीज से जुड़ा होता है।
बचाव ही है सबसे बड़ा इलाज
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से पहले या उसके शुरुआती स्तर पर ही इसे कंट्रोल करना सबसे अच्छा तरीका है। इसके लिए जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है। हेल्दी डाइट लें जिसमें ओट्स, फलियां, हरी सब्जियां और नट्स शामिल हों। हर दिन कम से कम 30 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज करें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें और साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाएं।
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