Monsoon Health Tips : बरसात में बढ़ जाता है यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन का खतरा, यूरिन में होती है चुभन


यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। नवजात और 5 से 6 साल के बच्‍चों को भी यह खतरा हो सकता है।लेकिन यह बीमारी सबसे अधिक महिलाओं को होती है। बरसात के मौसम में उनके लिए परेशानी बढ़ जाती है। मौसम की नमी के चलते इंफेक्‍शन का रिस्‍क अधिक रहता है। यह खतरा वेजाइनल एरिया में महिलाओं को होता है। इस बारे में मुख्‍य तौर पर महिलाओं को जानकारी जरूर होना चाहिए। आइए जानते हैं क्‍या है यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन, इसके लक्षण, इससे बचने के उपाय -

यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन क्‍या होता है

यह बीमारी दुनिया में करीब 70 फीसदी महिलाओं को कभी न कभी जरूर होती है। अगर साफ-सफाई का ध्‍यान नहीं रखा जाता है तब इस बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण है यूरिन को रोक कर रखना। इस वजह से इंफेक्‍शन अंदर ही किडनी में फैलने लग जाता है। साथ ही गंदी इंग्लिश टॉयलेट सीट पर बैठ जाना। इस वजह से किसी भी उम्र की महिला को इंफेक्‍शन हो सकता है।

यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन के लक्षण

- यूरिन पास करते हुए जलन होना। इसका एक और बड़ा कारण है डिहाइड्रेशन यानि शरीर में पानी की कमी।
- यूरिन पास करने के दौरान तेज चुभन होना और जलन होना।
- यूटीआई का सबसे बड़ा कारण यूरिन का जोर से प्रेशर बनता है और सिर्फ कुछ बूंदे यूरिन आती है।
- मटमैले रंग में यूरिन का आना।
- मरीज को बहुत अधिक थकान, कमजोरी, कंपकपी रहना। ठंड लगकर बुखार आना।

यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन से बचाव के उपाय

1.पानी पिएं - जी हां, पानी की कमी नहीं होने से आप स्‍वस्‍थ रहेंगे, अन्‍य बीमारियों की चपेट में भी नहीं आएंगे। दरअसल, पानी की कमी होने पर आपको पेट से संबंधित कई सारी समस्‍या होने लग जाती है।

2. क्रैनबेरी का जूस पीने से यूरिनरी इंफेक्‍शन के खतरे में आराम मिलेगा। और जलन भी कम होगी।

3.नारियल पानी का सेवन करना सबसे अधिक लाभकारी है। नारियल पानी पेट की जलन, पानी की कमी को पूरा करता है।

4.लहसुन में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाएं जाते हैं। इससे इंफेक्‍शन में राहत मिलेगी। हालांकि लहसुन गर्म होती है इसलिए डॉक्‍टर की सलाह से लें।

5.धनिया पाउडर ठंडा रहता है। ऐसे में आप दूध में पाउडर को डालकर उबाल लें और रोज सुबह 1 गिलास पिएं। इसके अलावा आप धनिया और आंवले के चूर्ण को बराबर मात्रा में रात को भिगोकर रख दें। और सुबह इस पानी को छानकर पी लें। आपको जल्‍द आराम मिलेगा।





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