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इस Exercise को करने से शरीर को हो सकता है भारी नुकसान, जानिए कैसे बचें
वर्कआउट करते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें
Tips for doing Push Ups in right way
पुश-अप्स करने से होने वाले नुकसान
पुश-अप्स के कई फायदे होते हैं, लेकिन गलत तरीके से करने पर यह हानिकारक भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि पुश-अप्स करने से किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है :
1. कंधों में दर्द और चोट
यदि पुश-अप्स करते समय कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है या सही तरीके से नहीं किया जाता, तो कंधे की मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। इससे रोटेटर कफ (कंधे के जोड़ों की मांसपेशियां) को चोट पहुंच सकती है, जो गंभीर समस्या बन सकती है।
2. कलाई में चोट
गलत तरीके से पुश-अप्स करने से कलाई पर अधिक भार पड़ सकता है, जिससे कलाई में दर्द या सूजन हो सकती है। कलाई में बार-बार दर्द होने पर इसकी मांसपेशियों में चोट लग सकती है और इसके चलते वर्कआउट करना मुश्किल हो सकता है।
3. नीचे की पीठ में दर्द
पुश-अप्स करते समय यदि रीढ़ की हड्डी को ठीक से नहीं सीधा रखा गया, तो पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने का खतरा रहता है। अधिक झुकी हुई कमर पर दबाव डालने से पीठ दर्द जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
4. घुटनों पर प्रभाव
कई बार लोग शुरुआती दौर में घुटनों के बल पुश-अप्स करते हैं। लेकिन इसे गलत तरीके से करने से घुटनों पर दबाव बढ़ सकता है और यह घुटनों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
5. कोहनियों में चोट
कई लोग पुश-अप्स करते समय कोहनियों को सीधा रखने की गलती करते हैं, जिससे कोहनी की मांसपेशियों और जोड़ों में चोट लगने का खतरा रहता है।
पुश-अप्स का सही तरीका
पुश-अप्स के सभी फायदे पाने और चोटों से बचने के लिए इसे सही तकनीक से करना महत्वपूर्ण है। यहां कुछ सरल चरण दिए गए हैं, जिनसे आप पुश-अप्स को सही तरीके से कर सकते हैं :
1. शरीर की पोजीशन सही रखें
पुश-अप्स करते समय आपकी बॉडी को सीधी रेखा में रहना चाहिए। सिर से लेकर एड़ी तक सीधा रखें और कोर को टाइट रखें। यह आपकी पीठ और कंधों को स्थिर बनाए रखेगा।
2. हाथों की स्थिति पर ध्यान दें
अपने हाथों को कंधों के समानांतर रखें और थोड़ा बाहर की ओर फैलाएं। यह स्थिति कंधों और कोहनियों पर दबाव कम करती है और मांसपेशियों को सही ढंग से काम करने में मदद करती है।
3. घुटनों और कलाई का ध्यान रखें
शुरुआती दौर में, अगर पूरी बॉडीवेट से पुश-अप्स करना मुश्किल हो, तो घुटनों के बल पुश-अप्स करें। ध्यान रखें कि आपकी कलाई सीधी हो और उस पर दबाव न पड़ने पाए।
4. धीरे-धीरे नीचे जाएं और वापस आएं
नीचे जाते समय धीरे-धीरे सांस लें और अपने शरीर को नियंत्रित तरीके से नीचे लेकर जाएं। फिर ऊपर आते समय सांस छोड़ें और ध्यान रखें कि आपकी कोहनियां शरीर के पास रहें।
5. सही संख्या में पुश-अप्स करें
शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार पुश-अप्स करें और धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाएं। अधिक पुश-अप्स करने की कोशिश न करें, जब तक कि आपका शरीर इसके लिए तैयार न हो। धीरे-धीरे वृद्धि से आपकी मांसपेशियाँ विकसित होंगी और चोट का खतरा कम रहेगा।
ये ध्यान रखें -
- वार्म-अप : पुश-अप्स से पहले थोड़ी स्ट्रेचिंग या वार्म-अप कर लें ताकि मांसपेशियां तैयार हों।
- फॉर्म का अभ्यास करें : पुश-अप्स के सही फॉर्म का अभ्यास करें, भले ही आपको कम पुश-अप्स करने पड़ें।
- ब्रेक लें : एक ही समय में बहुत अधिक पुश-अप्स न करें। बीच-बीच में ब्रेक लेने से मांसपेशियों को आराम मिलेगा।
- फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें : अगर आपको चोट लगती है या दर्द महसूस होता है, तो किसी फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लें।
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