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सावन का व्रत रखने से पहले जान लीजिए 8 जरूरी टिप्स

Updated: बुधवार, 17 जुलाई 2019 (13:14 IST)
सावन के महीने का इंतजार कई महिलाएं व युवतियां करती है। कुछ लोग इस पवित्र महीने में केवल सोमवार का व्रत करते हैं, तो कुछ लोग पूरे सावन व्रत रखते है। चाहे आप किसी भी प्रकार से व्रत रखने का प्लान कर रहे हो, आपको व्रत रखने से पहले ये जानकारी जरूर होनी चाहिए - 
 
सबसे पहले उपवास के लिए मन को पूरी तरह से तैयार करना बेहद जरूरी है। अगर उपवास केवल एक ही दिन रखना है तो इसके लिए कोई विशेष तैयारी करने की कोई जरूरत नहीं है। बस उपवास के दो तीन दिन पूर्व से भोजन में फल और सब्जियां ज्यादा लेनी शुरू कर दें। हां अगर उपवास ज्यादा दिनों तक रखने हैं तो इसके लिए आपको अवश्य ही विशेष तैयारी कर लेनी चाहिए।
 
 
उपवास रखने के दो-तीन दिन पूर्व से ज्यादा अन्न खाना शुरू कर दें और भोजन के साथ सब्जियां और फल भी ज्यादा लेने पड़ेंगे। उपवास से एक-दो दिन पूर्व एक वक्त रोटी, सलाद और सब्जी और दूसरे वक्त फलों का सेवन करें।
 
एक से तीन दिन पूर्व फलाहार, एक से तीन दिन रसाहार, एक से तीन दिन नींबू पानी और शहद पर रहें। दो-तीन दिन लगातार संतरे के रस का सेवन करने के पश्चात्‌ सीधे तौर पर उपवास पर आना ठीक रहता है। उपवास काल में उपवासकर्ता का मल सूख जाता है। उपवास करने से पूर्व शंखप्रक्षालन, चौलाई त्रिफला, आंवला, पालक के सूप, नाशपाती या करेले के रस के सेवन से पेट का साफ करना ठीक रहता है।
 
 
इन बातों पर ध्यान दें -
 
1 उपवास के बीच सुबह-शाम प्राणायाम करना ठीक रहता है।
 
2 उपवास काल में शारीरिक और मानसिक आराम को भी पूरी तरजीह देनी चाहिए।
 
3 उपवास काल में मौन व्रत रखना भी श्रेष्ठ रहता है।
 
4 स्थिति के अनुसार उपवास काल में स्पंज बाथ, मिट्टी की पट्टी, एनिमा, धूपस्नान, मालिश, सूखा व गीला घर्षण स्नान, भ्रमण करना, आसन, कुंजर आदि चिकित्सा का सहारा लेना ठीक रहता है।
 
 
5 अगर आप ज्यादा दिनों तक लगातार उपवास रखने की सोच रहे हैं तो ऐसे में याद रखें कि उपवास के शुरू में तीन-चार दिनों तक भूख का अहसास होता है। ऐसी हालत में नींबू-पानी, शहद या केवल दो-तीन गिलास पानी पीने से ही पेट की क्षुधा मिट जाया करती है।
 
6 निर्जल उपवास कभी भी नहीं रखना चाहिए।
 
7 याद रखो कि पानी नहीं पीने से शरीर के अन्दर मौजूद अपशिष्ट पदार्थ शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं जिससे शरीर अनेक बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। ऐसे में पेशाब में जलन, पेट में जलन, कब्ज, संक्रमण, बदबूदार पसीना आदि की समस्याएं पैदा हो जाया करती हैं। एक साथ पानी न पीकर एक-एक घंटे बाद एक गिलास पानी में नींबू निचोड़कर उसका सेवन करना ठीक रहता है।
 
 
8 उपवास रखते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें कि उपवास काल में ज्यादा वक्त तक भूखे पेट नहीं रहना चाहिए। अगर आप उपवास काल में भोजन नहीं करते हैं तो सुबह के समय दूध जरूर पीना चाहिए।
 
9 दोपहर के वक्त फल या जूस ले सकते हैं। शाम के समय चाय पी सकते हैं। रात्रि में फलों की सलाद का सेवन कर सकते हैं। अगर आप उपवास काल में केवल एक बार भोजन कर लेते हैं तो आपको ज्यादा मात्रा में कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए।
 

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