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कोविड की लिवर पर मार, एंजाइम पर करता है अटैक, जानें बचाव के उपचार

coronavirus
कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। इसकी चपेट में आने के बाद यह शरीर के कई अंगों के लिए घातक साबित हो रहा है। कई मरीज,हार्ट, शुगर और बीपी की चपेट में आ गए है। अगर आपको कोविड के दोनों डोज लग गए है। इसके बाद लोग कोविड की चपेट में आ रहे हैं।इसलिए सावधानी जरूरी है। हाल ही में एक शोध में सामने आया कोविड की चपेट में आए मरीज लिवर की परेशानी से जूझ रहे हैं।

हालांकि कोरोना सबसे पहले अटैक फेफड़ों पर करता है। लेकिन अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेंसी द्वारा रिसर्च में बड़ा खुलासा किया गया। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि 11 फीसदी मरीजों को लिवर से संबंधित परेशानियां है। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना के खिलाफ विकसित की गई वैक्सीन भी इससे बचाव में अधिक कारगर साबित नहीं हो रही है।

कोरोना की लिवर पर मार

शोध में पाया कि कोविड लिवर में जरूरी एंजाइम की मात्रा बढ़ा देता है। एंजाइम की नाम है -
एलेनिन एमिनोट्रांस्फरेज
एस्‍परटेट एमिनोट्रांस्‍फरेज।
 
शोध के अनुसार, कोविड की वजह से 15 से 53 फीसदी मरीजों में एंजाइम की अधिक मात्रा पाई गई है। और माना जाता है कि इनका लिवर टेंपरेरी रूप से खराब हो चुका है। शोध में सामने आया कि कोई भी वैरिएंट हो वह लिवर पर नकारात्मक असर डालता है। जिससे लिवर बहुत धीमी रफ्तार से काम करता है। और कोविड के उपचार के दौरान दी जाने वाली दवा का असर लिवर पर भी पड़ता है।

दरअसल, कोविड आपके इम्‍यून सिस्‍टम पर अटैक करता है। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती जाती है। कोविड होने पर लिवर में भारी सूजन और पीलिया का खतरा होता है। वहीं आप पहले से ही लिवर की बीमारी से ग्रसित है तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।

कोविड असिंप्‍टोमेटिक भी है, तो लिवर को डबल खतरा

दरअसल, कई लोगों में कोविड के किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं थे। फिर भी वह कोविड से संक्रमित हो रहे हैं। और लक्षण नहीं होने पर शरीर के ऑर्गन पर प्रभाव पड़ा। कई तरह के केस सामने आए। कोविड की तीसरी लहर में इस तरह रखें खानपान कोरोना की तीसरी लहर में ओमिक्रॉन ने दस्तक दी है। जो डेल्टा से भी काफी तेजी से फैल रहा है। जिन्हें डबल वैक्सीन लग चुकी है वे भी इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। ऐसे में अपनी डाइट में सीजनल सब्जी और फल का सेवन जरूर करें। दूध, पनीर, नट्स, बीन्स अधिक से अधिक शामिल करें। ताकि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।

एक्सपर्ट के मुताबिक रोज 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें, वॉक करें। डॉक्टर की सलाह से ब्रीथिंग एक्‍सरसाइज करें। इससे फेफड़ों में सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचेंगी। जिससे दिल भी स्‍वस्‍थ रहेगा।
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