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ओमिक्रॉन का BA.3 सब वेरिएंट भी है, जानिए WHO ने क्या कहा
कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप अब कम हो गया है। कोविड की तीसरी लहर में ओमिक्रॉन वैरिएंट से तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही थी।लेकिन कोविड वैक्सीन से तीसरी लहर के प्रकोप को कम करने में कामयाबी मिली। हालांकि आईआईटी वैज्ञानिक द्वारा जून में कोविड की चौथी लहर आ सकती है। WHO में संक्रामक रोग महामारी विज्ञानी और कोविड-19 तकनीकी लीड मारिया वान केरखोव ने कहा कि ओमिक्रॉन के BA.2 और BA.1 सब वैरिएंट के लक्षण में समानता है। वहीं ओमिक्रॉन का BA.3 वैरिएंट भी है।
हालांकि ओमिक्रॉन का BA.2 बहुत अधिक संक्रामक नहीं है। यह BA.1 की तरह हल्का ही है। वैज्ञानिकों के अनुसार कोविड का खतरा का अभी कम नहीं हुआ। कोविड के अन्य वैरिएंट्स अभी भी एक खतरनाक वायरस है, जो हमारे आसपास मौजूद है।
बोत्सवाना में मिला ओमिक्रॉन का चौथा वैरिएंट BA.3
विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक ओमिक्रॉन BA.3 दक्षिण अफ्रीकी देश बोत्सवाना में मिला है। जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में पब्लिश WHO की रिपोर्ट के मुताबिक बीए.3 बहुत अधिक आक्रामक नहीं है। यह बीए.1 और बीए.2 का मिला जुला रूप है। गौरतलब है ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीए.1 भी दक्षिण अफ्रीका में ही मिला था।
विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक ओमिक्रॉन BA.3 दक्षिण अफ्रीकी देश बोत्सवाना में मिला है। जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में पब्लिश WHO की रिपोर्ट के मुताबिक बीए.3 बहुत अधिक आक्रामक नहीं है। यह बीए.1 और बीए.2 का मिला जुला रूप है। गौरतलब है ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीए.1 भी दक्षिण अफ्रीका में ही मिला था।
कितना खतरनाक है बीए.3
WHO के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम सदस्य मारिया वेन केरखोब के मुताबिक अभी तक बीए.1 और बीए.2 वेरिएंट संक्रामक रहे हैं। यह इन दोनों वैरिएंट का मिला-जुला रूप है इसलिए अधिक खतरनाक नहीं है। भविष्य में अधिक बदलाव होते हैं तो संक्रमण का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
WHO के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम सदस्य मारिया वेन केरखोब के मुताबिक अभी तक बीए.1 और बीए.2 वेरिएंट संक्रामक रहे हैं। यह इन दोनों वैरिएंट का मिला-जुला रूप है इसलिए अधिक खतरनाक नहीं है। भविष्य में अधिक बदलाव होते हैं तो संक्रमण का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
