dharma sangrah

वर्ल्ड म्यूजिक डे 2025 : संगीत का साथ मेंटल हेल्थ के लिए इन 7 तरीकों से है फायदेमंद

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 16 जून 2025 (15:13 IST)
benefits of listening music: संगीत एक ऐसी दवा की तरह है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। 21 जून को पूरी दुनिया वर्ल्ड म्यूजिक डे (World Music Day 2025) के रूप में मनाती है। यह दिन केवल संगीत प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए खास है जो जिंदगी के हर रंग को महसूस करना चाहता है। संगीत केवल कानों को सुकून देने का माध्यम नहीं है, बल्कि ये दिमाग और दिल को गहराई से छूने वाला एक ऐसा अनुभव है जो शब्दों से परे है। जब जिंदगी की दौड़-भाग, तनाव और अकेलापन हम पर भारी पड़ने लगे, तो संगीत वो सच्चा साथी बनता है जो हमें भीतर से मजबूत बनाता है।
 
नई जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) एक बड़ी चुनौती बन चुका है। चिंता, डिप्रेशन, अनिद्रा, ओवरथिंकिंग जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे समय में जब मन को शांत करना मुश्किल हो जाए, तब संगीत एक थेरेपी की तरह काम करता है। आइए वर्ल्ड म्यूजिक डे के मौके पर जानते हैं कि संगीत किस तरह से मेंटल हेल्थ को सुधारने में मदद करता है, और ये कैसे आपकी ज़िंदगी में पॉजिटिव बदलाव ला सकता है।
 
1. तनाव कम करता है संगीत का जादू
जब हम किसी म्यूजिक ट्रैक को सुनते हैं जो हमारे मूड के अनुसार होता है, तो मस्तिष्क में डोपामिन (dopamine) जैसे हैप्पी हार्मोन का स्राव होता है। ये हार्मोन तनाव को कम करने में सहायक होता है। क्लासिकल म्यूजिक, धीमा इंस्ट्रूमेंटल या प्रकृति से जुड़ी धुनें मानसिक शांति देती हैं और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करती हैं।
 
2. डिप्रेशन के लक्षणों को कम करता है संगीत
डिप्रेशन से जूझ रहे लोग अक्सर खुद को अकेला, बेकार और थका हुआ महसूस करते हैं। ऐसे में संगीत एक सहारा बनकर भावनाओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम बनता है। खासकर जब आप अपने मन की स्थिति को किसी गाने में महसूस करते हैं, तो एक भावनात्मक कनेक्शन बनता है जो डिप्रेशन से उबरने में मदद करता है।
 
3. नींद को बेहतर करता है सही संगीत
अनिद्रा यानी नींद न आना आज के समय में एक आम समस्या है, लेकिन हल भी हमारे आसपास ही है। वैज्ञानिक शोधों में यह साबित हो चुका है कि हर रात सोने से पहले 20-30 मिनट का सॉफ्ट क्लासिकल या स्लो म्यूजिक सुनने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है। यह मानसिक हलचल को शांत कर शरीर को नींद के लिए तैयार करता है।
 
4. एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में करता है मदद
अगर आप स्टूडेंट हैं या कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें गहरी एकाग्रता की ज़रूरत होती है, तो बैकग्राउंड म्यूजिक आपका बेस्ट पार्टनर बन सकता है। लो-वॉल्यूम पर चलने वाला इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक या बायन्यूरल बीट्स दिमाग को व्यवस्थित रखने में मदद करते हैं और फोकस को बेहतर बनाते हैं।
 
5. भावनाओं को समझने और नियंत्रित करने में सहायक
हमारे अंदर कई बार ऐसी भावनाएं होती हैं जिन्हें हम शब्दों में नहीं कह पाते जैसे उदासी, गुस्सा, डर या अकेलापन। संगीत इन भावनाओं को पहचानने और उनसे निपटने में सहायता करता है। जब आप कोई ऐसा गीत सुनते हैं जो आपके मन की बात कहता है, तो आप खुद को समझने लगते हैं और आत्म-संवाद की शुरुआत होती है।
 
6. समाजिक जुड़ाव और अकेलेपन से राहत
आज के डिजिटल युग में भले ही हम सोशल मीडिया से जुड़े हैं, लेकिन भीतर से अकेलापन महसूस करते हैं। संगीत लोगों को जोड़ने का माध्यम बनता है – चाहे वह कोई म्यूजिक ग्रुप हो, लाइव कॉन्सर्ट या ऑनलाइन प्लेलिस्ट शेयर करना। म्यूजिक आपको समाज से जोड़ता है और एक belongingness की भावना देता है।
 
7. क्रिएटिविटी और आत्मविश्वास बढ़ाता है संगीत
गाना गाना, वाद्ययंत्र बजाना या नई धुनें बनाना, ये सभी गतिविधियां आपके भीतर की रचनात्मकता को बाहर लाती हैं। ये न केवल मन को शांति देती हैं बल्कि आत्म-संतोष और आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं। खासकर युवाओं और बच्चों में यह म्यूजिक थेरेपी सेल्फ-एक्सप्रेशन को बढ़ावा देती है। 


अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 
ALSO READ: गर्मियों में योग करने का सबसे सही समय, तपती गर्मी से मिलेगी तुरंत राहत
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

अगला लेख