Hanuman Chalisa

शर्तिया छूटेगा चश्मा,अगर आजमाएंगे ये 3 काम के टिप्स

Published: शनिवार, 23 मार्च 2019 (13:11 IST)
यहां दिए जा रहे उपायों से आप आंखों की सुरक्षा कुछ हद तक कर सकते हैं। निरंतर बगैर नागा किए निम्नलिखित उपाय करें तो हो सकता है आपका चश्मा छूट जाए। यह सब नियम पालन पर निर्भर है। 
 
आधा चम्मच मख्खन (अमूल मख्खन ले सकते हैं), आधा चम्मच पिसी मिश्री और थोड़ी सी पिसी कालीमिर्च, स्वाद के अनुसार मात्र में लेकर तीनों को मिला लें और चाट लें। इसके बाद कच्चे (पानी वाले सफेद) नारियल के 2-3 टुकड़े खूब अच्छी तरह चबाकर खा लें। अब थोड़ी सी सौंफ (मोटी या बारीक वाली) मुंह में डाल लें। इसे आधा घंटे तक मुंह में रखकर चबाते, चूसते रहें, इसके बाद निगल जाएं। 

ALSO READ: आंखें होंगी साफ, स्वस्थ और चमकीली, यह 3 उपाय आजमा कर देखें
 
प्रतिदिन भोजन के साथ 50 से 100 ग्राम मात्रा में पत्तागोभी के पत्ते बारीक कतर कर, इन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च बुरकर, खूब चबा-चबाकर खाएं। 
 
जब गाजर उपलब्ध हो तब प्रतिदिन 1-2 गाजर खूब चबा-चबाकर खाएं या इसका रस निकालकर भोजन के घंटेभर बाद पिएं। 
 
अपने आहार में पत्तागोभी, गाजर, आंवला, पके लाल टमाटर, हरा धनिया, सलाद, केला, संतरा, छुहारा, हरी शाक सब्जी, दूध, मख्खन, मलाई, पका आम आदि में से जिस-जिस का सेवन कर सकें तो प्रतिदिन उचित मात्रा में अवश्य सेवन करें।

ALSO READ: आपकी आंख की रोशनी छीन सकता है स्मार्टफोन, हो जाएं सावधान

ALSO READ: अगर नियमित आंख फड़कती है, तो हो सकती है सेहत की समस्या

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख