नेत्र रोग दूर करेंगे ये 9 सरल नियम, अवश्य अपनाएं...
नेत्र यानी आंखें हर मनुष्य का परम धन हैं। हमारे पौराणिक शास्त्रों में नेत्र रोग दूर करने के लिए कुछ विशेष बातें कहीं गई है, जो बहुत ही लाभदायक हैं।
अगर हम जीवन में नीचे दिए गए नियम अपना लेते हैं तो इससे हमारी दृष्टि शक्ति तेज होती है, आंखे स्निग्ध रहती है तथा आंखों में कोई बीमारी होने की संभावना नहीं रहती। अत: हमें प्रतिदिन इन नियमों के पालन में कभी भी आलस्य नहीं करना चाहिए। आइए जानें नेत्र रोग दूर करने के नियम -
* प्रतिदिन सबेरे बिस्तर से उठते ही सबसे पहले मुंह में जितना पानी भरा जा सकें, उतना भरकर दूसरे जल से आंखों को 20 बार झपटा मारकर धोना चाहिए।
* प्रतिदिन स्नान के वक्त तेल मालिश करते समय सबसे पहले दोनों पैरों के अंगूठों के नखों को तेल से भर देना चाहिए और फिर तेल लगाना चाहिए।
* प्रतिदिन दोनों समय भोजन के बाद हाथ-मुंह धोते समय कम-से-कम 7 बार आंखों में जल का झपटा देना चाहिए।
* जितनी बार मुंह में जल डाले, उतनी बार आंखे और मुंह को धोना न भूले।
* रात्रि में सोते से पूर्व 1 से 5 ग्राम आंवला चूर्ण को पानी के साथ लेने से नेत्र रोग में आराम मिलता है।
* निरंतर हरियाली देखने से नेत्र रोग से छुटकारा मिलता है।
* धनिया आंखों के लिए बड़ा गुणकारी होता है। थोड़ा-सा धनिया कूट कर पानी में उबाल कर ठंडा करें और मोटे कपड़े से छान कर शीशी में भर लें। इसकी 2-2 बूंद आंखों में डालने से आंखों की जलन, दर्द तथा पानी गिरना जैसी समस्याएं दूर होती हैं।
* हरड़, बहेड़ा और आंवला तीनों को समान मात्रा में लेकर त्रिफला चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की 2 से 5 ग्राम मात्रा को घी व मिश्री के साथ मिलाकर खाने से नेत्र रोग में लाभ होता है। यह उपाय कुछ महीनों तक प्रतिदिन करें तो अवश्य ही नेत्र रोग से छुटकारा मिल जाएगा।
* कड़ी धूप से बचने से भी आंखों की सुरक्षा होती है।
लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
Writing in Hindi on various topics, including life style, religion, and astrology....
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