ramcharitmanas

गलत वक्त पर फल खाने से होते हैं गंभीर नुकसान, जानें 5 तथ्य

Updated: गुरुवार, 31 अगस्त 2017 (12:18 IST)
आप सोच रहे होंगे कि क्या फल खाने का भी कोई वक्त होता है? जी हां, बेशक फल खाने का भी सही या गलत समय होता है, जिसके अनुसार यह आपके शरीर और स्वास्थ्य को फायदा या नुकसान पहुंचाते हैं। जानिए फलों के बारे में यह 5 तथ्य - 
 
1 फलों को खाने के पहले या ठीक बाद में खाने से हमेशा बचें। फलों का सेवन या तो खाने के आधे घंटे पहले कर लें या फिर खाना खाने के कम से कम एक घंटा बाद तक न करें, अन्यथा आपको पाचन व एसिडिटी संबंधी समस्या हो सकती है।

यह भी पढ़ें :नॉनवेज और अंडे से ज्यादा प्रोटीन है इन 5 शाकाहारी चीजों में
 
2 सुबह के समय फलों का सेवन स्वास्थ्य और शरीर के लिए सबसे फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ फल ऐसे हैं जिन्हें सुबह खाली पेट खाने से हमेशा बचना चाहिए। सीट्रिक यानि खट्टे फलों को खाली पेट खाने से एसिडिटी बढ़ सकती है।
 
3 अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो स्वाद बढ़ाने या हेल्थ के लिए फलों को दही या दूध के साथ खाते हैं, तो ऐसा बिल्कुल न करें। यह आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दे सकता है।

यह भी पढ़ें :  सिर्फ पानी पिएं और पाएं 9 गजब के फायदे !
 
4 कुछ फल किडनी स्टोन के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, इसलिए पहले पूरी जानकारी लें तभी किसी फल का सेवन करें। अगर तरबूज खा रहे हैं तो बेहतर होगा कि इसके साथ कुछ न खाएं।
 
5 फलों का चयन अपनी तासीर के अनुसार करें। अगर आपकी तासीर ठंडी है, तो केले, संतरा, अनानास जैसे फलों को ज्यादा न खाएं। वहीं अगर आपकी तासीर गर्म है तो आम और पपीते जैसे फलों का सेवन कम ही करें।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

अगला लेख