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आषाढ़ व्रत पूर्णिमा का क्या है महत्व, इन 5 उपायों से दूर होगी धन की समस्या

गुरु पूर्णिमा के दिन अपनाएं ये सरल उपाय, जीवन में आएगी तरक्की

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 10 जुलाई 2025 (11:34 IST)
What to do on Guru Purnima: साल 2025 में आषाढ़ पूर्णिमा 10 जुलाई, गुरुवार को मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रथों के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि है। इसे गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों का संपादन किया और हिंदू धर्म को एक नई दिशा दी। गुरु पूर्णिमा गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है, जहां शिष्य अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनसे ज्ञान व आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा पर कैसे करें महागुरु दत्तात्रेय भगवान की पूजा
 
आषाढ़ पूर्णिमा का महत्व: पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। आषाढ़ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। चूंकि यह गुरुवार को पड़ रही है, जो कि भगवान विष्णु का ही दिन है तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। यह दिन गुरुओं को समर्पित है, जो हमें जीवन के हर मोड़ पर सही मार्ग दिखाते हैं और अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। 
 
महर्षि वेदव्यास को आदिगुरु माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन गुरुओं की पूजा और सेवा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। यह दिन ध्यान-साधना और आत्म-चिंतन के लिए बहुत शुभ माना जाता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है। आषाढ़ पूर्णिमा का दिन धन संबंधी समस्याओं को दूर करने और आर्थिक समृद्धि प्राप्त करने के लिए भी विशेष फलदायी माना जाता है। यहां कुछ अचूक उपाय दिए जा रहे हैं...:ALSO READ: गुरु पूर्णिमा पर पढ़ें ये 5 शक्तिशाली मंत्र, मिलेंगे अनेक चमत्कारी लाभ
 
धन की समस्या दूर करने के 5 अचूक उपाय:
 
1. मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त पूजा: आषाढ़ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु अर्थात् खासकर सत्यनारायण भगवान और देवी लक्ष्मी की साथ में पूजा करें। उन्हें इत्र और सुगंधित अगरबत्ती अर्पित करें। पूजा में 11 कमलगट्टे लेकर लाल कपड़े में बांधकर देवी लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करें और शहद व खीर का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे लक्ष्मी-नारायण की कृपा प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
 
2. श्री यंत्र की पूजा और कौड़ी का उपाय: सुबह स्नान करने के बाद, श्री यंत्र को लाल कपड़े में स्थापित करें और उसकी विधिवत पूजा करें। इसके साथ ही, 11 पीली कौड़ियों पर हल्दी लगाकर उन्हें मां लक्ष्मी को चढ़ा दें। पूजा के बाद इन कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। माना जाता है कि यह उपाय धन के आगमन को बढ़ाता है और दरिद्रता दूर करता है।
3. चंद्र देव को अर्घ्य और मंत्र जाप: यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है या आप मानसिक शांति और धन लाभ चाहते हैं, तो आषाढ़ पूर्णिमा की रात को चंद्रमा को दूध और जल मिलाकर अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय 'ॐ चंद्रमसे नमः' या 'ॐ सों सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें। चंद्रमा धन और शांति का कारक माना जाता है।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा: प्राचीन भारत के 14 महान गुरु जिन्होंने दिया धर्म और देश को बहुत कुछ
 
4. पीपल के पेड़ पर दीपक और दान: आषाढ़ पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं और पितरों का वास माना जाता है, जिससे उनकी कृपा प्राप्त होती है और धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही, इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
 
5. लक्ष्मी स्तोत्र और श्री सूक्त का पाठ: घर में धन का वास बनाए रखने के लिए आषाढ़ पूर्णिमा की शाम को श्री लक्ष्मी स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करें। आप चाहें तो इस दिन घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों और फूलों का तोरण भी लगा सकते हैं, जो घर में सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी के वास को आकर्षित करता है।
 
इन उपायों को पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से आषाढ़ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आप धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा: प्राचीन भारत के 14 महान गुरु जिन्होंने दिया धर्म और देश को बहुत कुछ

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