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गुजरात में 14 घंटे में 400 मिमी बारिश से तबाही, जानें वैज्ञानिकों का अनुमान क्यों गलत साबित हुआ?

अल नीनो नहीं बल्कि PDO ने बदला मानसून का पूरा खेल

Updated: शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 (12:35 IST)
गुजरात में पिछले दो दिनों से बारिश ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और महज 14 घंटों में कई इलाकों में 400 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। नवसारी के चिखली, अहमदाबाद के धोलेरा (धोलका) और सूरत के उमरपाड़ा जैसे इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कें, खेत और मकान पानी में डूब गए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ALSO READ: गुजरात में बाढ़ का संकट, 1200 सड़कें बंद और स्कूलों में छुट्टी, PM मोदी ने CM से की बातचीत, केंद्र देगा हरसंभव मदद
 
बारिश से पहले स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मौसम वैज्ञानिकों ने 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण सूखे की बड़ी आशंका जताई थी। इन भविष्यवाणियों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि, हकीकत बिल्कुल उलट निकली और सूखे के बजाय राज्य में विनाशकारी और भारी बारिश हो रही है।
 
वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी गलत साबित होने की मुख्य वजह पैसिफिक डिकेडल ऑसिलेशन (PDO) का प्रभाव था, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया था। PDO प्रशांत महासागर के पानी के तापमान में 20 से 30 वर्षों की अवधि में होने वाला एक दीर्घकालिक बदलाव है। अल नीनो अल्पकालिक होता है, जबकि PDO का प्रभाव दशकों तक रहता है और यह हवा के दबाव व दिशा को बदल देता है।
 
वर्तमान में PDO का 'मजबूत नकारात्मक' (Negative PDO) चरण चल रहा है, जो भारतीय मानसून को काफी मजबूत बनाता है। इस नकारात्मक चरण के कारण पश्चिमी प्रशांत और हिंद महासागर से प्रचुर मात्रा में नमी भारतीय उपमहाद्वीप की ओर खिंची चली आई है। यही नमी युक्त हवाएं अरब सागर से गुजरते हुए गुजरात और पश्चिमी भारत में भारी बारिश लेकर आई हैं। ALSO READ: गुजरात में बारिश का तांडव, वलसाड में 36 इंच, 7 ट्रेनें रद्द, सेना अलर्ट पर
 
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाले मॉडल मौसमी बदलावों को तो जल्दी पकड़ लेते हैं, लेकिन PDO जैसे दीर्घकालिक कारकों को पूरी तरह से समझने में असमर्थ रहते हैं। ग्लोबल वार्मिंग और नेगेटिव PDO के संयोजन से भविष्य में भी ऐसी भीषण बारिश और बाढ़ की घटनाएं बढ़ने की संभावना है। यह घटना दर्शाती है कि मौसम को समझने के लिए केवल अल नीनो ही नहीं, बल्कि समुद्र के सभी घटकों पर ध्यान देना जरूरी है।
 

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