कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले अहमदाबाद में बड़ा बदलाव, शहर से बाहर होंगे सभी उद्योग
अहमदाबाद शहर को वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) और 2036 के ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और औडा (AUDA) की सीमा में स्थित सभी स्थानीय उद्योगों और जीआईडीसी (GIDC) इकाइयों को 2030 तक शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने का प्रस्ताव रखा गया है।
ओलंपिक और कॉमनवेल्थ के लिए विशेष मास्टर प्लान
अहमदाबाद को वैश्विक स्तर के स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर योजना बनाई गई है। 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले शहर के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और पर्यावरण में सुधार के उद्देश्य से यह नीति बनाई गई है, ताकि अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो सके।
औद्योगिक क्षेत्र का गैर-औद्योगिक क्षेत्र में रूपांतरण
नई योजना के अनुसार, AMC और AUDA की सीमा में आने वाले सभी औद्योगिक क्षेत्रों को गैर-औद्योगिक क्षेत्रों (Non-Industrial Zones) में बदलने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, शहर के भीतर नए उद्योगों की स्थापना पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इतना ही नहीं, वर्तमान में कार्यरत इकाइयों को अपनी सुविधाओं के विस्तार या पुनर्गठन की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
THRIVE योजना और उद्योगों को संपत्ति संबंधी लाभ
शहर से बाहर स्थानांतरित होने के इच्छुक उद्योगों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने 'THRIVE' योजना का विकल्प दिया है, जिसे इस वर्ष जून में पेश किया गया था। जो उद्योग अपनी इकाइयों को नई जगह पर ले जाएंगे, उन्हें सरकार की ओर से दोगुना एफएसआई (FSI) और भूमि-उपयोग (Land Use) में बदलाव सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन और छूट दी जाएगी।
स्थानांतरण के लिए 2030 तक की समय-सीमा
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को तुरंत बंद करने के बजाय दो से तीन साल तक अपना संचालन जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। इस अवधि के दौरान विवरणों को अंतिम रूप दिया जाएगा और शहर की सीमा में स्थित सभी प्रदूषणकारी उद्योगों को थ्राइव (THRIVE) योजना का लाभ उठाकर 2030 तक शहर के बाहर निर्धारित क्षेत्रों में पूरी तरह से स्थानांतरित होना होगा।
शहरी प्रदूषण घटाने पर विशेष जोर
इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य अहमदाबाद शहर में प्रदूषण के स्तर को काफी हद तक कम करना और शहरी पर्यावरण में सुधार लाना है। ओलंपिक जैसे विश्व स्तरीय आयोजन से पहले एथलीटों और पर्यटकों के लिए एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करने के प्रयासों के तहत ये सख्त और आक्रामक नियम लागू किए जा रहे हैं।
सरकारी विभागों और स्थानीय प्रशासन की कार्यान्वयन योजना
राज्य का शहरी विकास विभाग इस प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। AMC और AUDA दोनों निकायों को एक निश्चित समय-सीमा आधारित योजना लागू करने के लिए कहा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समय रहते शहर के सभी औद्योगिक क्षेत्रों को बाहर स्थानांतरित कर दिया जाए और अहमदाबाद को एक आधुनिक व पर्यावरण-अनुकूल महानगर बनाया जा सके।

