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6 अप्रैल को गुड़ी पड़वा, कौन हैं इस वर्ष के राजा, क्या है इस संवत्सर का नाम, सब जानिए यहां

शुक्रवार,अप्रैल 5, 2019
gudi padwa
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आइए जानें 6 अप्रैल को आने वाली गुड़ी पड़वा पर कौड़ियों के प्रयोग से कैसे बन सकते हैं मालामाल...
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गुड़ी पड़वा के दिन 136 देवों को प्रसन्न किया जा सकता है। शास्त्रों में उनके मंत्र दिए गए हैं। पढ़ें विस्तार से...
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घर पर स्नान करके संवत्सर की मूर्ति बनाकर उसका 'चैत्राय नमः', 'वसंताय नमः' आदि नाम मंत्रों से पूजन करना चाहिए। इसके बाद ...
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गुड़ी पड़वा हिन्दू नववर्ष के रूप में भारत में मनाया जाता है। इस वर्ष यह 6 अप्रैल 2019 को आ रहा है। इस दिन सूर्य, नीम ...
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आपको ज्ञात होगा कि देशभर में दशहरे पर रावण दहन होता है। लेकिन उज्जैन संभाग का एक गांव ऐसा है, जहां हिन्दू नववर्ष (गुड़ी ...
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दुनियाभर के हजारों तरह के कैलेंडर प्रचलित है। संभवत: हर माह एक नया वर्ष प्रारंभ होता होगा। कोई चंद्र पर आधारित है, कोई ...
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राजा विक्रमादित्य के काल में भारतीय वैज्ञानिकों ने इन सबसे पहले ही भारतीय कैलेंडर विकसित किया था। इस कैलेंडर की शुरुआत ...
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गुड़ी पड़वा के पावन पर्व पर हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ खास तरह की पारंपरिक रेसिपीज, इन डिशेस से करें घर आए मेहमानों का ...
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हमारे सनातन धर्म व हिन्दू परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष का प्रारंभ होता है। जिसे गुड़ी-पड़वा कहते हैं। इस दिन ...
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नवसंवत्सर का आरंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है, यह अत्यंत पवित्र तिथि है। इसी तिथि से पितामह ...
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6 अप्रैल 2019 से चैत्र माह की प्रतिपदा से भारत का नववर्ष प्रारंभ हो रहा है। इस दिन से विक्रम संवत 2075 की समाप्ति और ...
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गुड़ी मानव देह की प्रतीक है। इस एक दिन के त्योहार में आपको आदर्श जीवन के प्रतिबिंब नजर आते हैं। 'गुड़ी' की लाठी को तेल, ...
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ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही सृष्टि का प्रारंभ हुआ था और इसी दिन भारत वर्ष में काल गणना प्रारंभ ...
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शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही चंद्र की कला का प्रथम दिवस है। अतः इसे छोड़कर किसी अन्य दिवस को वर्षारंभ मानना उचित नहीं है।
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गुड़ी पड़वा के दिन 136 देवों को प्रसन्न किया जा सकता है। शास्त्रों में उनके मंत्र दिए गए हैं। पढ़ें विस्तार से...
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मंदिर में प्राप्त नीम और शक्कर के प्रसाद के पीछे अति मधुर भावना छिपी होती है। जीवन में कभी सुख या दुख अकेले नहीं आते। ...
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चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही सृष्टि का प्रारंभ हुआ था और इसी दिन भारत वर्ष में काल गणना प्रारंभ हुई थी। कहा है कि :-
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गुड़ी यानी विजय पताका। भोग पर योग की विजय, वैभव पर विभूति की विजय और विकार पर विचार की विजय।
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यही समय है नए के सृजन का, वंदन, पूजन और संकल्प का... जब सृष्टि नए का निर्माण करती है, आह्वान करती है, तब ही सांसारिक ...
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