ramcharitmanas

Shri Ganpati chaturthi : श्री गणेश दूर करते हैं नवग्रह दोष

Updated: शुक्रवार, 21 अगस्त 2020 (14:49 IST)
Ganesha and Navgrah
श्री गणेश जी ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह से संबद्ध किया जाता है। इनकी उपासना नवग्रहों की शांतिकारक व व्यक्ति के सांसारिक, आध्यात्मिक दोनों तरह के लाभ की प्रदायक है। अथर्वशीर्ष में इन्हें सूर्य व चंद्रमा के रूप में संबोधित किया है। 
 
सूर्य से अधिक तेजस्वी प्रथम वंदनदेव हैं। इनकी रश्मि चंद्रमा के सदृश्य शीतल होने से एवं इनकी शांतिपूर्ण प्रकृति का गुण शशि द्वारा ग्रहण करके अपनी स्थापना करने से वक्रतुंड में चंद्रमा भी समाहित हैं।

पृथ्वी पुत्र मंगल में उत्साह का सृजन एकदंत द्वारा ही आया है। बुद्धि, विवेक के देवता होने के कारण बुध ग्रह के अधिपति तो ये हैं ही, जगत का मंगल करने, साधक को निर्विघ्नता पूर्ण कार्य स्थिति प्रदान करने, विघ्नराज होने से बृहस्पति भी इनसे तुष्ट होते हैं। 
 
धन, पुत्र, ऐश्वर्य के स्वामी गणेश जी हैं, जबकि इन क्षेत्रों के ग्रह शुक्र हैं। इस तथ्य से आप भी यह जान सकते हैं कि शुक्र में शक्ति के संचालक आदिदेव हैं। धातुओं व न्याय के देव हमेशा कष्ट व विघ्न से साधक की रक्षा करते हैं, इसलिए शनि ग्रह से इनका सीधा रिश्ता है। 
 
गणेश जी के जन्म में भी दो शरीर का मिलाप (पुरुष व हाथी) हुआ है। इसी प्रकार राहु-केतु की स्थिति में भी यही स्थिति विपरीत अवस्था में है अर्थात गणपति में दो शरीर व राहु-केतु के एक शरीर के दो हिस्से हैं। इसलिए ये भी गणपति जी से संतुष्ट होते हैं। 
 
विघ्न, आलस्य, रोग निवृत्ति एवं संतान, अर्थ, विद्या, बुद्धि, विवेक, यश, प्रसिद्धि, सिद्धि की उपलब्धि के लिए चाहे वह आपके भाग्य में ग्रहों की स्थिति से नहीं भी लिखी हो तो भी श्री गणेश जी की अर्चना से सहज ही प्राप्त हो जाती है।

गणेश जी की स्तुति, पूजा, जप, पाठ से ग्रहों की शांति स्वमेव हो जाती है। किसी भी ग्रह की पीड़ा में यदि कोई उपाय नहीं सूझे अथवा कोई भी उपाय बेअसर हो तो आप गणेशजी की शरण में जाकर समस्या का हल पा सकते हैं। 

ALSO READ: श्रीगणेश चतुर्थी 2020 : राशि अनुसार यह मंत्र है शुभ आपके लिए...

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 अगस्‍त 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

श्रावण मास हरियाली अमावस्या पर करें पितृदोष, कालसर्पदोष और शनि दोष से मुक्ति के उपाय

नाग पंचमी पर इन 5 उपायों से दूर होंगे कालसर्प और पितृदोष के दोष, जानें विधि

भारत में सूर्य ग्रहण का नजारा नहीं दिखेगा, लेकिन इन राशियों पर पड़ेगा असर, रहें सावधान

क्या सूर्य और चंद्र ग्रहण से आते हैं भूकंप? पुराने रिकॉर्ड से समझिए सच और क्या है आने वाली तबाही का दावा

अगला लेख