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बुधवार को घर में ही इस तरह करें विशेष गणेश पूजा, 10 मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

Updated: बुधवार, 26 अगस्त 2020 (09:52 IST)
अग्रपूज्य भगवान गणेश को अतिप्रिय है बुधवार का दिन। शीघ्र फलदायी होती है बुधवार की गणेश पूजा। शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है। 

 
कैसे करें पूजा?
प्रातः काल स्नान ध्यान आदि से निवृत्त होकर पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसन पर विराजमान होकर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें। शुद्ध आसन पर बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, गणेशजी को सूखे सिंदूर का तिलक लगाएं और इनकी आरती करें। अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण कर ॐ गं गणपतये नमः का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिए।
 
बुधवार की पूजा के 10 लाभ: 
1.बुधवार की प्रकृति चर और सौम्य मानी गई है। ज्योतिष अनुसार यह भगवान गणेश और लाल किताब अनुसार दुर्गा माता का दिन है। कमजोर मस्तिष्क वालों को बुधवार के दिन उपवास रखना चाहिए, क्योंकि बुधवार का दिन बुद्धि प्राप्ति का दिन होता है।
 
2. पुराणों में गणेशजी की भक्ति शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करने वाली भी बताई गई हैं।
 
3. प्रत्येक बुधवार के शुभ दिन गणेशजी की उपासना से व्यक्ति का सुख-सौभाग्य बढ़ता है और उसके जीवन से सभी तरह की रुकावटें दूर होती हैं। 
 
4. बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का निवारण होता है।
 
5. इसी प्रकार यदि परिवार में गृह कलेश हो तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेशजी की प्रतिकात्मक प्रतिमा बनाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें।
 
6. धन प्राप्ति के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाएं। बाद में यह घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।
 
7.गणेश या दुर्गा मंदिर के बाहर बैठी किसी कन्या को बुधवार के दिन साबुत बादाम देना चाहिए। इससे घर की बीमारी दूर होती है।
 
8. इस दिन जमा किए गए धन में बरकत रहती है। बुधवार को धन का लेन-देन नहीं करना चाहिए।
 
9. बिगड़े काम बनाने के लिए बुधवार को गणेश मंत्र का स्मरण करें-
त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।
अर्थात भगवान गणेश आप सभी बुद्धियों को देने वाले, बुद्धि को जगाने वाले और देवताओं के भी ईश्वर हैं। आप ही सत्य और नित्य बोधस्वरूप हैं। आपको मैं सदा नमन करता हूं। कम से कम 21 बार इस मंत्र का जप जरुर होना चाहिए।
 
10. ग्रह दोष और शत्रुओं से बचाव के लिए-
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम्।।
ये भगवान गणेश जी के बारह नाम है। इन नामों का जप उचित स्थान पर बैठकर किया जाए तो यह उत्तम फलदायी है। जब पूरी पूजा विधि हो जाए तो कम से कम 11 बार इन नामों का जप करना शुभ होता है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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