Father's Day Poem : फादर्स डे पर कविता-थैंक्यू पापा

- कल्याणी देशमुख

थैंक्यू पापा
माता ने दिया जन्म
आपने भरा उस जीवन में रंग
पूरे किए सपने सारे
और उड़ा मैं सफलता के संग
मुझे मेरी पहचान देने के लिए

थैंक्यू पापा . . .

शिक्षक ने दिया ज्ञान
और उस ज्ञान को आगे बढ़ाने
आपने खर्चे मेरे किए पूरे
पर आपकी जरूरतें फिर रह गईं अधूरी
अपने पसीने की कमाई

मेरे पीछे
खुशी-खुशी खर्च करने के लिए

थैंक्यू पापा . . .

आपके आशीर्वाद से
मेहनत मेरी रंग लाई
डिग्री मिलते ही मेरे लिए
अच्छे पैकेज की नौकरी लाई
आपने आराम का न सोचते हुए
मुझे दूसरे शहर में जॉब
करने भी जाने दिया
उसके लिए थैंक्यू पापा . . .

आज मैं भी बन गया हूं पिता
पर जीवन की इस भाग-दौड़ में
मैं शायद न बन सकूं आपके जैसा पिता
बच्चों पर चिल्लाने पर
नजरों के सामने आ जाती है बचपन की वो यादें
कितने सब्र से आपने हमें पाला
पिता होने का धैर्य सिखाने और
मुझे अच्छा पिता बनने की
प्रेरणा देने के लिए
थैंक्यू, थैंक्यू, थैंक्यू पापा




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