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सुप्रीम कोर्ट की सरकार को चेतावनी, किसान आंदोलन भी तब्लीगी जमात न बन जाए
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात के आयोजन से कोरोना फैलने के मामले में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच ने सरकार से पूछा कि मरकज मामले से क्या सबक लिया? उन्होंने कहा कि कहीं किसान आंदोलन भी तब्लीगी जमात जैसा न बन जाए, क्योंकि कोरोना फैलने का डर तो किसान आंदोलन वाली जगह पर भी है।
दिल्ली बॉर्डर पर केंद्र के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ 40 दिनों से समय से जारी किसान आंदोलन को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की। अदालत ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या आंदोलन में किसान कोरोना संक्रमण के प्रसार के खिलाफ एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपको बताना होगा कि क्या चल रहा है? हमें नहीं पता कि किसान कोरोना से सुरक्षित हैं या नहीं। हम चाहते हैं कि संक्रमण नहीं फैले। आप तय कीजिए कि गाइडलाइंस फॉलो की जाएं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके की एक मस्जिद में तब्लीगी जमात का आयोजन हुआ था। 13 मार्च से 24 मार्च के बीच हुए इस आयोजन में 16,500 लोग शामिल हुए थे। इनमें से बहुत से लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
