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किसान यूनियन के पेज को Facebook ने किया ब्लॉक, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

farmers protest
नई दिल्ली। किसान आंदोलन का आज 26वां दिन है। नए कृषि विधेयकों को वापस लेने की मांग कर रहे किसानों ने फैसला किया है कि आज वह क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। इसके 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी राजमार्गों पर टोल वसूली नहीं करने देंगे।
इस बीच किसानों के आंदोलन से जुड़े ‘किसान एकता मोर्चा’ (Kisan Ekta Morcha) पेज को फेसबुक (Facebook) ने ब्लॉक कर दिया। किसान इस पेज पर अपने आंदोलन से जुड़े अपडेट दे रहे थे। किसानों संगठनों के अनुसार इस पेज को बंद किया गया।
किसानों का फेसबुक पेज बंद होने से सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया। ट्विटर पर भी फेसबुक के इस कदम की आलोचना हुई। ट्विटर पर #ShameonFacebook ट्रेंड हो रहा है। हालांकि विवाद के 3 घंटे बाद इस पेज को फेसबुक ने फिर से रिस्टोर कर दिया। किसान एकता मोर्चा के पेज को फिर से एक्टिव कर दिया गया।  
 
सरकार ने बातचीत के लिए लिखा पत्र : केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को आमंत्रित किया और कहा कि वे इसकी तिथि तय करें। सरकार ने कहा है कि कृषि कानूनों में पहले जिन संशोधनों का प्रस्ताव दिया गया था, उन्हें लेकर जो चिंताएं हैं, संगठन वे भी बताएं।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने इस संदर्भ में किसानों के 40 संगठनों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि केंद्र किसानों की सभी चिंताओं का उचित समाधान निकालने की खातिर ‘खुले मन से’ हरसंभव प्रयास कर रहा है। किसानों से वार्ता के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में मंत्रिस्तरीय एक समिति गठित की थी।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोमप्रकाश इसके सदस्य हैं। सरकार से किसानों की अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है जो विफल रही है।

किसानों के संगठनों की एक बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बैठक हो चुकी है, लेकिन उसका नतीजा भी शून्य रहा है। अग्रवाल ने कहा कि सरकार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में अगली बैठक बुलाना चाहती है ताकि प्रदर्शन जल्द से जल्द समाप्त हों।